उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के माध्यम से एक बार फिर यह संदेश दिया कि उनकी सरकार पीड़ितों के साथ खड़ी है। जनता की समस्याएं सुनते हुए मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी नागरिक के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा, चाहे सामने कितना ही प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो।
जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री खुद लोगों तक पहुंचे और उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना। जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें सामने आने पर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमाफिया और दबंग तत्व समाज के लिए अभिशाप हैं और इनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान कई महिलाओं ने घरेलू विवाद और पारिवारिक उत्पीड़न से जुड़ी समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ मामलों को सुलझाने और दोनों पक्षों से संवाद स्थापित करने को कहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि बातचीत से समाधान न निकले तो कानून के तहत निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।
प्लेन क्रैश में अजीत पवार के निधन से देश स्तब्ध – Sindhu Times
इलाज के लिए सहायता की गुहार लेकर पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार उनके उपचार की पूरी जिम्मेदारी उठाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि इलाज से संबंधित औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर धनराशि सीधे अस्पताल को उपलब्ध कराई जाए, जिससे पीड़ित परिवारों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने धार्मिक और सामाजिक दायित्वों का भी निर्वहन किया। उन्होंने मंदिर में दर्शन-पूजन किया, गोशाला में समय बिताया और बच्चों से आत्मीय संवाद किया। बच्चों को पढ़ाई में आगे बढ़ने की सीख देते हुए उन्होंने मिष्ठान्न भी वितरित किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह जनता दर्शन न केवल प्रशासनिक संवाद का माध्यम रहा, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि सरकार आमजन के सुख-दुख में सहभागी है और न्याय, सुरक्षा व संवेदनशीलता उसकी प्राथमिकता है।