बरेली: यूजीसी के नए नियमों और शंकराचार्य विवाद को लेकर चल रहे हंगामे के बीच बरेली प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। एसडीएम सदर राम जनम यादव को बरेली का प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। यह फैसला सिटी मजिस्ट्रेट रहे अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे और बाद में उनके निलंबन के बाद लिया गया है।
जिला मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राम जनम यादव को फिलहाल प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन का कहना है कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और संवेदनशील हालात से निपटने के लिए यह कदम जरूरी था। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस अतिरिक्त जिम्मेदारी के लिए उन्हें कोई अलग भत्ता नहीं मिलेगा।
अलंकार अग्निहोत्री ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके बटुकों के साथ माघ मेले में हुई कथित बदसलूकी के विरोध में पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए, जिसमें ब्राह्मण विरोधी रवैये और जबरन दबाव बनाने जैसे आरोप शामिल थे।
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इस्तीफे के बाद भी अलंकार अग्निहोत्री के तेवर नरम नहीं पड़े। उन्होंने डीएम पर बंधक बनाने और प्रलोभन देने के आरोप लगाए और मंगलवार रात को अपना सरकारी आवास भी खाली कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने डीएम बरेली से रिपोर्ट तलब की, जिसके बाद अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, शासन स्तर पर इस पूरे मामले को लेकर आगे और सख्त कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। वहीं, अलंकार अग्निहोत्री के बयान और सोशल मीडिया पोस्ट अभी भी चर्चा का विषय बने हुए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच राम जनम यादव को प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट बनाए जाने को प्रशासनिक स्थिरता की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन का फोकस फिलहाल जिले में शांति बनाए रखने और किसी भी तरह के टकराव को रोकने पर है।