संसद परिसर में शनिवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हर जगह चर्चा छेड़ दी। Narendra Modi और Rahul Gandhi के बीच हुई संक्षिप्त बातचीत ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यह मुलाकात Jyotirao Phule की जयंती पर आयोजित समारोह के दौरान हुई, जहां देश के कई बड़े नेता मौजूद थे।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद परिसर में महात्मा फुले की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे थे। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी अन्य नेताओं के साथ एक कतार में खड़े थे। प्रधानमंत्री ने सभी का अभिवादन किया और जब वह राहुल गांधी के पास पहुंचे, तो कुछ क्षण रुककर उनसे बातचीत करने लगे।
यह बातचीत भले ही एक मिनट से भी कम समय की रही हो, लेकिन इसका प्रभाव काफी बड़ा रहा। आमतौर पर सार्वजनिक मंचों पर दोनों नेताओं के बीच औपचारिक अभिवादन के अलावा ज्यादा बातचीत देखने को नहीं मिलती। ऐसे में यह छोटा सा संवाद राजनीतिक शिष्टाचार और लोकतांत्रिक परंपरा का एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
हालांकि, दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई, इसका खुलासा नहीं हो पाया है। लेकिन वीडियो में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री की बात सुनते हुए और सिर हिलाते हुए देखा गया। इस दौरान दोनों के चेहरे पर सहजता और सम्मान का भाव भी नजर आया, जिसने इस मुलाकात को और खास बना दिया।
इस कार्यक्रम में Om Birla, JP Nadda और Arjun Ram Meghwal समेत कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। सभी ने महात्मा फुले को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों को याद किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर सोशल मीडिया पर भी पोस्ट करते हुए महात्मा फुले के योगदान को याद किया। उन्होंने लिखा कि फुले जी के आदर्श आज भी समाज को दिशा देते हैं और समानता व शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान अमूल्य है।
राजनीतिक मतभेदों के बावजूद इस तरह की मुलाकातें लोकतंत्र की खूबसूरती को दर्शाती हैं। यह संदेश देती हैं कि विचारों की भिन्नता के बावजूद संवाद और सम्मान बना रहना चाहिए। संसद परिसर में हुई यह छोटी सी बातचीत इसी बात का प्रतीक बन गई है।