- विदेश यात्रा के जरिए साझा करेंगे चुनावी सुधारों का अनुभव
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को बड़ा सम्मान मिलने जा रहा है। राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग की ओर से ऐसे कर्मचारियों को विदेश यात्रा पर भेजने का निर्णय लिया गया है। चयनित अधिकारी जल्द ही इटली जाकर वहां चुनावी अधिकारियों के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे।
इटली जाएगा यूपी का विशेष प्रतिनिधिमंडल
यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा के नेतृत्व में एक विशेष प्रतिनिधिमंडल इटली रवाना होगा। इस दल में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO), जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) और राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर शामिल होंगे।
इस दौरे का उद्देश्य भारत में सफलतापूर्वक लागू की गई SIR प्रक्रिया को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करना है।
SIR में बड़ी संख्या में कर्मचारी रहे शामिल
प्रदेशभर में इस अभियान में लगभग 1.62 लाख बीएलओ, 403 ईआरओ और बड़ी संख्या में डीईओ अधिकारियों ने भाग लिया। SIR के तहत तैयार की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची में करीब 12.55 करोड़ मतदाताओं के नाम दर्ज किए गए हैं।
यह प्रक्रिया फिलहाल देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी सुचारू रूप से जारी है।
बेहतर कार्य करने वालों को मिला सम्मान
SIR में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कर्मचारियों को हाल ही में लखनऊ में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में—
75 बूथ लेवल अधिकारी
75 बीएलओ सुपरवाइजर
18 निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारी
6 जिला निर्वाचन अधिकारी
को सम्मानित किया गया।
सम्मानित जिलाधिकारी एटा, बाराबंकी, औरैया, शामली, महोबा और फतेहपुर जिलों से संबंधित हैं।
सम्मानित IAS अधिकारियों के नाम
इन जिलों के कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया—
रविंद्र सिंह (फतेहपुर)
प्रेम रंजन सिंह (एटा)
शशांक त्रिपाठी (बाराबंकी)
इंद्रमणि त्रिपाठी (औरैया)
अरविंद सिंह चौहान (शामली)
गजल भारद्वाज (महोबा)
इन अधिकारियों के नेतृत्व में SIR अभियान को सफल बनाया गया।
अन्य राज्यों में भी होगा विस्तार
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि निष्पक्ष और शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र की मजबूत नींव है। इसी उद्देश्य से SIR अभियान शुरू किया गया था, ताकि हर पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल हो सके और अपात्र नाम हटाए जा सकें।
उन्होंने बताया कि बिहार में यह प्रक्रिया पूरी तरह सफल रही है और असम में भी विशेष पुनरीक्षण जारी है। जल्द ही इसे अन्य राज्यों में भी लागू किया जाएगा।
बिहार बना सफलता का उदाहरण
ज्ञानेश कुमार के अनुसार बिहार में SIR की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि अंतिम मतदाता सूची के खिलाफ एक भी अपील दर्ज नहीं हुई। इसके आधार पर हुए चुनावों में रिकॉर्ड 67.13 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि महिला मतदाताओं की भागीदारी 71.78 प्रतिशत तक पहुंच गई।
युवाओं से की खास अपील
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने युवाओं से अपील की कि वे गलत सूचना और भ्रामक प्रचार के खिलाफ जागरूकता फैलाएं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।