- PM Modi Turban: 77वें गणतंत्र दिवस पर मोर पंख डिजाइन वाला साफा बना आकर्षण का केंद्र
नई दिल्ली: 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर अपने खास पहनावे को लेकर चर्चा में रहे। हर साल की तरह इस बार भी उन्होंने पारंपरिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा हुआ अनोखा साफा पहनकर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
इस बार पीएम मोदी ने गहरे मरून रंग का कढ़ाईदार साफा बांधा था, जिस पर सुनहरे रंग की मोर पंख आकृति बनाई गई थी। यह डिजाइन भारतीय संस्कृति, गौरव और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है। साफे के अंतिम हिस्से में हरे और पीले रंग का सुंदर मिश्रण भी देखने को मिला, जो इसे और आकर्षक बना रहा था।
पहनावे में दिखा पारंपरिक और आधुनिकता का मेल
साफे के साथ प्रधानमंत्री ने सफेद पायजामा, नेवी ब्लू कुर्ता और हल्के आसमानी रंग का हाफ ब्लेजर पहना हुआ था। उनका यह संयोजन पारंपरिक और आधुनिक फैशन का बेहतरीन उदाहरण माना गया। कार्यक्रम के दौरान उनका यह लुक सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल रहा।
पीएम मोदी अक्सर राष्ट्रीय पर्वों पर अपनी वेशभूषा के जरिए भारत की विविध संस्कृति और कारीगरी को दर्शाते हैं। उनका साफा न सिर्फ फैशन स्टेटमेंट होता है, बल्कि एक सांस्कृतिक संदेश भी देता है।
हर साल खास होता है पीएम मोदी का साफा
प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही नरेंद्र मोदी हर गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर अलग-अलग अंदाज में नजर आते रहे हैं। उनके साफे देश के अलग-अलग राज्यों की परंपराओं और हस्तशिल्प को दर्शाते हैं।
76वें गणतंत्र दिवस पर उन्होंने लाल-पीले रंग का साफा और बंद गले का कोट पहना था। वहीं, 75वें गणतंत्र दिवस पर उन्होंने गुजरात और राजस्थान की पहचान माने जाने वाले बांधनी प्रिंट का साफा चुना था।
पहले भी चर्चा में रहे हैं मोदी के पहनावे
वर्ष 2023 में पीएम मोदी ने बहुरंगी राजस्थानी साफा पहना था।
2022 में उन्होंने उत्तराखंड की पारंपरिक टोपी पहनकर वहां की संस्कृति को सम्मान दिया।
2021 में ‘हालारी’ पगड़ी पहनकर जामनगर की विरासत को दर्शाया।
2018 में उन्होंने केसरिया साफा पहनकर देश को संबोधित किया था।
इसी तरह हर साल उनका पहनावा भारत की सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक बनता रहा है।
स्वतंत्रता दिवस पर भी दिखती है यही परंपरा
सिर्फ गणतंत्र दिवस ही नहीं, बल्कि स्वतंत्रता दिवस पर भी पीएम मोदी का साफा चर्चा का विषय रहता है। 2014 में उन्होंने लाल रंग का जोधपुरी बंधेज साफा पहना था, जिसके बाद से यह परंपरा लगातार जारी है।
राजस्थानी पगड़ी, कच्छ की बांधनी, लहरिया और टाई-डाई जैसे डिजाइन उनके पसंदीदा विकल्पों में शामिल रहे हैं।
संस्कृति और परंपरा का संदेश
पीएम मोदी के साफे सिर्फ एक परिधान नहीं होते, बल्कि भारत की पारंपरिक विरासत, हस्तकला और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का माध्यम भी होते हैं। हर साल उनका यह अंदाज देश की विविधता में एकता का संदेश देता है।