उत्तर भारत के लोगों के लिए गुरुवार का दिन मौसम के लिहाज से चौंकाने वाला साबित हुआ। दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के कई इलाकों में अचानक तेज हवाएं चलने लगीं और आसमान में काले बादल छा गए। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने जानकारी दी है कि कई जगहों पर 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं दर्ज की गई हैं।
IMD के अनुसार, यह बदलाव एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की वजह से हुआ है, जिसका असर पूरे उत्तर-पश्चिम भारत में देखा जा रहा है।
कहां-कहां हो सकती है बारिश?
दिल्ली के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में बारिश की ज्यादा संभावना है। नरेला, बवाना, अलीपुर, रोहिणी, कंझावला, पीतमपुरा, पश्चिम विहार और द्वारका जैसे इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। एनसीआर क्षेत्र के बहादुरगढ़ और हरियाणा के रोहतक, झज्जर, महेंद्रगढ़ और नारनौल में भी बादल और बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
राजस्थान के कोटपूतली क्षेत्र में भी हल्की बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।
गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग ने साफ कहा है कि कुछ इलाकों में गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है। लोगों को खुले स्थानों से दूर रहने और सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी गई है। खासकर खेतों में काम कर रहे किसानों और खुले इलाकों में मौजूद लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
हिमालयी इलाकों में बर्फबारी
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते वेस्टर्न हिमालयन क्षेत्रों में बर्फबारी और ओलावृष्टि हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। इसका असर मैदानी इलाकों के मौसम पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
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तापमान में बदलाव से बढ़ेगी ठंड
IMD के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में आज 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि इसके बाद अगले दो दिनों में तापमान में गिरावट आने की संभावना है, जिससे ठंड फिर से बढ़ सकती है। सेंट्रल इंडिया में भी तापमान पहले बढ़ेगा और फिर गिरावट दर्ज की जा सकती है।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
मौसम विभाग ने सलाह दी है कि लोग बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें। तेज हवाओं के दौरान कमजोर ढांचे, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें।
अगले 24 घंटे मौसम के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं, ऐसे में प्रशासन और आम लोगों दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है।