- असम दौरे पर प्रधानमंत्री ने संस्कृति, विकास और सुरक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा, बोले— अब अशांति नहीं, आत्मविश्वास की पहचान है असम
गुवाहाटी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के दो दिवसीय दौरे की शुरुआत करते हुए आगामी विधानसभा चुनावों का शंखनाद कर दिया है। गुवाहाटी में आयोजित भव्य जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने एक ओर जहां असम की सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा की सराहना की, वहीं कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला भी बोला।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें असम की संस्कृति, परंपराओं और विशेष रूप से बोडो समाज की विरासत से गहरा लगाव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद वे सबसे अधिक बार असम आए हैं और उनका हमेशा प्रयास रहा है कि असम की कला और संस्कृति को राष्ट्रीय और वैश्विक मंच मिले। बिहू, बोडोलैंड महोत्सव और अन्य सांस्कृतिक आयोजनों का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इन कार्यक्रमों ने असम की पहचान को नई ऊंचाई दी है।
पीएम मोदी ने बागुरुम्बा दहोउ को केवल एक उत्सव नहीं बल्कि बोडो समाज की गौरवशाली परंपरा को सम्मान देने का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार असम की हर विरासत और हर गौरव को अपनी जिम्मेदारी मानती है। इस अवसर पर उन्होंने असमिया संस्कृति के महान प्रतीक ज्योति प्रसाद अग्रवाला को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री ने असम में आए सकारात्मक बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय था जब यहां हिंसा, कर्फ्यू और अशांति आम बात थी, लेकिन आज वही क्षेत्र सांस्कृतिक आयोजनों और संगीत की मधुर धुनों से गूंज रहे हैं। उन्होंने 2020 के बोडो शांति समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस समझौते ने दशकों पुराने संघर्ष को खत्म किया और हजारों युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा।
पीएम मोदी ने कहा कि आज बोडो समाज के युवा खेल, कला और संस्कृति के क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रहे हैं और असम के सांस्कृतिक दूत बन रहे हैं। उन्होंने इसे पूरे भारत के लिए गर्व की बात बताया।
इसके बाद प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को असम का सम्मान अच्छा नहीं लगता। कांग्रेस वही पार्टी है जिसने भूपेन हजारिका को भारत रत्न देने का विरोध किया और असम में सेमीकंडक्टर यूनिट जैसे विकास कार्यों पर सवाल उठाए। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस असम के लोगों की बजाय विदेशी घुसपैठियों को प्राथमिकता देती रही, क्योंकि वे उसका वोट बैंक बनते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में असम में अस्थिरता को बढ़ावा दिया गया। जब जरूरत संवाद और विश्वास की थी, तब कांग्रेस ने विभाजन और उपेक्षा की राजनीति की। उन्होंने आरोप लगाया कि सियासी फायदे के लिए कांग्रेस ने असम को लंबे समय तक हिंसा और अव्यवस्था में झोंके रखा।
अपने भाषण के अंत में पीएम मोदी ने कहा कि आज असम तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है और असम की प्रगति भारत की ग्रोथ स्टोरी को नई ऊर्जा दे रही है।