देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल इंदौर में दूषित पेयजल से फैली उल्टी-दस्त की महामारी ने भयावह रूप ले लिया है। इस बीमारी से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1400 से अधिक लोग बीमार बताए जा रहे हैं। इस घटना को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही करार देते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और नेताओं पर कार्रवाई की मांग की है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि इंदौर में लोगों को पीने के लिए पानी नहीं बल्कि जहर बांटा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोता रहा, जिसका खामियाजा आम और गरीब लोगों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जब नागरिक लगातार बदबूदार और गंदे पानी की शिकायत कर रहे थे, तो समय रहते जल आपूर्ति क्यों नहीं रोकी गई।
उन्होंने कहा कि साफ पानी कोई एहसान नहीं, बल्कि नागरिकों का मौलिक अधिकार है। इस अधिकार के हनन के लिए भाजपा का “डबल इंजन” शासन और उसकी लापरवाह व्यवस्था पूरी तरह जिम्मेदार है। राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश को कुप्रशासन का केंद्र बताते हुए कहा कि कभी दवाइयों से मौतें होती हैं, कभी अस्पतालों में अव्यवस्थाएं सामने आती हैं और अब सीवर मिले पानी से लोग जान गंवा रहे हैं।
वहीं, इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि भागीरथपुरा इलाके में पानी की मुख्य पाइपलाइन में रिसाव के कारण सीवर का पानी सप्लाई लाइन में मिल गया था। इसी वजह से इलाके में बीमारी तेजी से फैली। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सैकड़ों घरों का सर्वे किया गया है और गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।प्रशासन की ओर से स्थिति पर नियंत्रण के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इस घटना ने शहर की व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।