पटना। बिहार के रोहतास जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई जा रही 13 करोड़ रुपये की रोपवे परियोजना ट्रायल के दौरान धराशाई हो गई। इस घटना के बाद राज्य सरकार हरकत में आ गई है। पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा है कि यह हादसा लापरवाही और तकनीकी खामियों का नतीजा है, जिसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
घटना के तुरंत बाद सरकार ने जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि रोपवे के निर्माण और ट्रायल के दौरान कई अहम सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया। इसके साथ ही डिजाइन और तकनीकी ढांचे में भी गंभीर कमियां पाई गई हैं।
दोषियों पर सख्त रुख
मंत्री दिलीप जायसवाल ने पटना में मीडिया को बताया कि जांच में दोषी पाए जाने के बाद परियोजना से जुड़े इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा, निर्माण कार्य कर रही कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। मंत्री ने साफ कहा कि ऐसी लापरवाही से न सिर्फ सरकारी धन का नुकसान होता है, बल्कि लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। यह रोपवे रोहतास प्रखंड मुख्यालय से ऐतिहासिक चौरासन मंदिर तक बनाया जा रहा था। पहाड़ी और दुर्गम रास्ते को आसान बनाने के लिए यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। सरकार की योजना थी कि नए साल में इसे पर्यटकों के लिए खोल दिया जाए, जिससे धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिले।
ट्रायल के दौरान कैसे हुआ हादसा
ट्रायल के दौरान रोपवे का पिलर अचानक संतुलन खो बैठा और ट्रॉली के साथ नीचे गिर गया। जांच में सामने आया है कि पिलर तय भार को सहन करने में असफल रहा। तकनीकी टीम द्वारा किए गए आकलन में यह भी पाया गया कि ट्रायल से पहले जरूरी सुरक्षा परीक्षण पूरे नहीं किए गए थे।
हादसे के समय ट्रॉली में कोई सवार नहीं था, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। हालांकि, यह घटना सरकार और प्रशासन के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत बनकर सामने आई है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि रोपवे परियोजना को पूरी तरह सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के बाद ही आगे बढ़ाया जाएगा। डिजाइन की दोबारा समीक्षा होगी और भविष्य में इस तरह की लापरवाही रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश लागू किए जाएंगे।