ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की अध्यक्ष रहीं खालिदा जिया का मंगलवार तड़के निधन हो गया। उन्होंने ढाका के एवरकेयर अस्पताल में 80 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कहा। वह लंबे समय से बीमार चल रही थीं और बीते एक महीने से अस्पताल में भर्ती थीं, लेकिन सोमवार रात उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई।
उनके निधन की पुष्टि BNP के आधिकारिक मीडिया सेल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए की। पार्टी की ओर से बताया गया कि खालिदा जिया का इंतकाल फज्र की नमाज के बाद सुबह छह बजे के करीब हुआ। जैसे ही यह खबर सामने आई, अस्पताल के बाहर समर्थकों की भीड़ जमा हो गई और माहौल गमगीन हो गया।
एक महिला, जिसने सत्ता की राजनीति बदली
खालिदा जिया बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। उन्होंने न केवल सत्ता के शीर्ष पद तक पहुंच बनाई, बल्कि महिला नेतृत्व को देश की राजनीति में मजबूत पहचान दिलाई। BNP की कमान संभालते हुए उन्होंने दशकों तक पार्टी को एकजुट रखा और कई चुनावी संघर्षों का नेतृत्व किया।
पार्टी और समर्थकों में शोक
BNP ने अपनी शीर्ष नेता के निधन पर सात दिन के शोक की घोषणा की है। इस दौरान देशभर में पार्टी कार्यालयों पर काले झंडे लगाए जाएंगे। धार्मिक आयोजनों और दुआ सभाओं के जरिए खालिदा जिया को श्रद्धांजलि दी जाएगी। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह केवल एक नेता का निधन नहीं, बल्कि एक पूरे राजनीतिक युग का अंत है।
बेटे तारिक रहमान की भूमिका
खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान, जो लंबे समय तक निर्वासन में रहे, हाल ही में बांग्लादेश लौटे थे। मां की बिगड़ती तबीयत के बीच उनकी यह वापसी बेहद भावुक मानी जा रही है। तारिक रहमान ने आधी रात अस्पताल पहुंचकर मां के पास समय बिताया था।
बदलते बांग्लादेश की राजनीति
खालिदा जिया का निधन ऐसे दौर में हुआ है, जब बांग्लादेश राजनीतिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। 2026 में होने वाले आम चुनाव से पहले यह घटना देश की राजनीति को नई दिशा दे सकती है। अंतरिम सरकार के नेतृत्व में चल रहे बांग्लादेश में अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि BNP आगे किस रणनीति के साथ मैदान में उतरती है।