उत्तर प्रदेश में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद अब मैदानी इलाकों में भी शीत लहर और घने कोहरे ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। तराई और पूर्वांचल के जिलों में ठंड और गलन ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।
शुक्रवार सुबह प्रदेश के कई हिस्सों में कोहरा इतना घना था कि दृश्यता शून्य के करीब पहुंच गई। लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, कुशीनगर, बस्ती, सहारनपुर, मुरादाबाद और अलीगढ़ जैसे शहरों में सड़क पर वाहन बेहद धीमी गति से चलते नजर आए। रेल और बस सेवाओं पर भी कोहरे का असर पड़ा। पछुआ हवाओं के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे कई जिलों में शीत दिवस जैसी स्थिति बन गई। धूप निकलने के बावजूद ठंडी हवाओं के चलते ठिठुरन कम नहीं हुई। वहीं रात के समय ठंड और ज्यादा बढ़ गई। मेरठ में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।
मौसम विभाग ने शनिवार के लिए देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, सीतापुर, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकर नगर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली और पीलीभीत सहित 22 जिलों में घने कोहरे का रेड अलर्ट जारी किया है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि आने वाले चार दिनों तक प्रदेश में ठंड और कोहरे का यही मिजाज बना रहेगा। पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं के कारण रात के तापमान में दो से तीन डिग्री तक और गिरावट आ सकती है, जिससे रातें और सर्द होंगी।
राजधानी लखनऊ में भी शुक्रवार को सुबह देर तक कोहरा छाया रहा। दिन का तापमान सामान्य से नीचे रहा और रात का पारा भी गिर गया। मौसम विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी है।