देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया 4 नवंबर से चल रही है, जिसका अंतिम दिन 11 दिसंबर तय किया गया है। इस बीच 10 दिसंबर दोपहर 3 बजे तक के ताज़ा आंकड़ों में पश्चिम बंगाल ने उत्तर प्रदेश को पीछे छोड़ दिया है। दोनों राज्यों में एन्यूमरेशन फॉर्म के वितरण और डिजिटाइजेशन का काम लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है, लेकिन प्रतिशत के मामले में पश्चिम बंगाल थोड़ी बढ़त बनाए हुए है।
पश्चिम बंगाल यूपी से एक कदम आगे
ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 99.99% एन्यूमरेशन फॉर्म बांटे जा चुके हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा 99.98% है। डिजिटाइजेशन के मामले में भी पश्चिम बंगाल 99.86% के साथ आगे है। यूपी में 99% एन्यूमरेशन फॉर्म का डिजिटलाइजेशन पूरा हो चुका है।
पश्चिम बंगाल में कुल 7 करोड़ 66 लाख 31 हजार 934 फॉर्म बांटे गए थे, जिनमें से 7 करोड़ 65 लाख 31 हजार 278 फॉर्म डिजिटल रूप में अपडेट किए जा चुके हैं। वहीं उत्तर प्रदेश में 15 करोड़ 43 लाख 96 हजार 289 एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित हुए थे, जिनमें से अब तक 15 करोड़ 28 लाख 88 हजार 273 फॉर्म डिजिटलाइज कर लिए गए हैं। यह दोनों राज्यों में चल रही SIR प्रक्रिया की तेज़ प्रगति को दर्शाता है।
BLO और BLA की भूमिका अहम
मतदाता सूची अपडेट करने की इस पूरी प्रक्रिया में बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) और राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) की बड़ी भूमिका है। पश्चिम बंगाल में 80,681 BLO और 1,63,243 BLA सक्रिय रूप से इस कार्य में जुटे हुए हैं। वहीं उत्तर प्रदेश में BLO की संख्या 1,62,486 और BLA की संख्या 4,41,582 है। इतनी बड़ी संख्या में फील्ड टीम के काम में लगे होने से ही दोनों राज्यों में प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
किन राज्यों में चल रही है SIR प्रक्रिया
वर्तमान समय में देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR का काम एक साथ चल रहा है। इनमें —
पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, पुडुचेरी और अंडमान-निकोबार शामिल हैं।
इन सभी राज्यों में 11 दिसंबर को प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी और उसके बाद मतदाता सूची को अंतिम रूप देने की तैयारी होगी।
सीएम योगी ने की जागरूकता की अपील
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9 दिसंबर को SIR प्रक्रिया को लोकतंत्र की मजबूती के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने बीजेपी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक लोगों को इस प्रक्रिया में शामिल होने के लिए प्रेरित करें।
सीएम योगी ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से छूट न जाए और किसी भी अयोग्य व्यक्ति का नाम सूची में न जुड़ने पाए। इसके लिए आम जनता के बीच जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है।