दिल्ली में 4 करोड़ की चोरी का खुलासा: घर का ड्राइवर ही निकला मास्टरमाइंड

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नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस की एंटी बर्गलरी सेल ने दिल्ली की एक बड़ी चोरी का खुलासा कर सबको चौंका दिया है। जिस ड्राइवर पर घर की सुरक्षा और भरोसे का दायित्व था, वही करोड़ों की चोरी का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने आरोपी महेंद्र दान (30) निवासी इंदोखा गांव, नागौर (राजस्थान) को गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से करीब 4 करोड़ रुपए के हीरे-जवाहरात, सोने के जेवर और महंगी घड़ियां बरामद की गई हैं।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

आनंद निकेतन निवासी एम यादव ने 28 सितंबर को साउथ कैंपस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 28 से 29 अगस्त के बीच घर से सोने और हीरे के कई कीमती आभूषण गायब हो गए थे। इस आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और प्रारंभिक जांच शुरू की। कई हफ्तों तक केस की पड़ताल के बाद 21 नवंबर को इसे दक्षिण-पश्चिम जिले की एंटी बर्गलरी सेल को सौंप दिया गया।

इंस्पेक्टर राम कुमार के नेतृत्व में एसआई बच्चू सिंह, एचसी सुनील कुमार, एचसी कांतीलाल, कॉन्स्टेबल संवारिया और कॉन्स्टेबल अंशु की टीम बनाई गई। एसीपी ऑपरेशन विजय पाल तोमर ने पूरे ऑपरेशन की निगरानी की।

फिंगरप्रिंट ने खोला राज

जांच टीम ने स्थानीय इन्फॉर्मरों, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सर्विलांस की मदद से संदिग्धों की सूची तैयार की। जांच के दौरान पुलिस को घर से लिए गए चांस प्रिंट्स मिले, जिन्हें मैच करने पर पता चला कि वे किसी और के नहीं, बल्कि घर के पुराने ड्राइवर महेंद्र दान के फिंगरप्रिंट से मेल खा रहे हैं।

शुरुआती सूत्रों से पता चला कि चोरी के बाद महेंद्र अपने गांव इंदोखा भाग गया था। इसके बाद पुलिस टीम राजस्थान पहुंची और 23 नवंबर को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

4 करोड़ की कीमती ज्वेलरी बरामद

महेंद्र की निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर और किराए के ठिकानों से महंगी ज्वेलरी और घड़ियां बरामद कीं, जिनमें शामिल हैं—

  • पियर शेप डायमंड सॉलिटेयर रिंग

  • 3 कैरेट राउंड डायमंड रिंग

  • डायमंड ईयररिंग व नेकलेस

  • डायमंड टेनिस ब्रेसलेट

  • हुब्लोट की दो घड़ियां

  • रोजर ड्युबियस की ऑल-गोल्ड घड़ी

  • रोलेक्स सबमरीनर मॉडल

  • दो सोने के गोल्ड बिस्किट

इन सभी आभूषणों और घड़ियों की कुल अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ रुपए बताई जा रही है।

योजना नवरात्रि के दौरान बनाई गई

पूछताछ में महेंद्र ने बताया कि वह पिछले चार साल से यादव परिवार के यहां ड्राइवर था। कम आय और आर्थिक दबाव के चलते उसने चोरी की योजना बनाई। वह घर के लॉकर और परिवार की दिनचर्या को अच्छी तरह जानता था। नवरात्रि के दौरान, जब पूरा परिवार बाहर गया हुआ था, उसने मौका पाकर लॉकर से कीमती आभूषण चोरी किए और उन्हें राजस्थान में अपने घर में छिपा दिया। कुछ सोने की ईंटें उसने शाहदरा स्थित किराए के घर में भी रखी थीं।

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