राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत रविवार को लखनऊ में आयोजित होने वाले दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव में शामिल होंगे। यह उत्सव एक भव्य आध्यात्मिक समागम है, जिसका उद्देश्य भगवद् गीता के सार्वभौमिक और जीवन-उद्धारक संदेशों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
मोहन भागवत रविवार सुबह अपने लखनऊ दौरे की शुरुआत करेंगे। वे यहां कई महत्वपूर्ण आध्यात्मिक तथा संगठनात्मक बैठकों में भाग लेंगे। कार्यक्रम के तहत सुबह 11:30 बजे वे जनेश्वर मिश्र पार्क पहुंचेंगे, जहां दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव का मुख्य आयोजन होगा। इस उत्सव में हजारों श्रद्धालु, संत-महात्मा, विद्वान और समाज के प्रमुख लोग शामिल होंगे।
यह आयोजन ‘श्रीकृष्ण कृपा जियो गीता परिवार, उत्तर प्रदेश’ द्वारा किया जा रहा है, जिसका मार्गदर्शन पूज्य गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज कर रहे हैं। हाल ही में 16 नवंबर को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन ने ‘जियो गीता’ अभियान के बढ़ते प्रभाव, इसका विज़न और वैश्विक स्तर पर इसके विस्तार की योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी थी। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य है—भारत और विदेशों में रहने वाले लोगों तक गीता का ज्ञान सरल और आधुनिक तरीके से पहुँचाना।
लखनऊ में मुख्य कार्यक्रम में सम्मिलित होने के बाद मोहन भागवत का अगला पड़ाव विश्व संवाद केंद्र, जियामऊ होगा, जहां वे पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे और संघ की महत्वपूर्ण गतिविधियों की समीक्षा करेंगे। यहां वे संगठनात्मक कार्यों की प्रगति और आगामी योजनाओं पर भी चर्चा करेंगे।
इसके बाद सरसंघचालक शाम के समय अयोध्या के लिए प्रस्थान करेंगे। अयोध्या में वे आरएसएस कार्यालय ‘साकेत निलयम्’ में रुकेंगे और अगले दिन 24 नवंबर को गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस पर गुरुद्वारा ब्रह्मकुंड में होने वाले विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां वे संगत को संबोधित भी करेंगे।
अयोध्या प्रवास के दौरान मोहन भागवत विभिन्न साधु-संतों, संत समाज के प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों तथा संघ पदाधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे आरएसएस के शताब्दी वर्ष को लेकर देशभर में प्रस्तावित सांस्कृतिक, सामाजिक और संगठनात्मक आयोजनों की तैयारियों की समीक्षा करेंगे।