केंद्रीय चुनाव आयोग (ECI) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दोनों गुटों—ममता बनर्जी वाला खेमा और रीतब्रत/ऋतब्रत बनर्जी वाला बागी खेमा—को 17 सितंबर 2026 (गुरुवार) को अलग-अलग समय पर सुनवाई के लिए बुलाया है। मकसद: पार्टी के नाम और ‘जोड़ा घास फूल’ (दो फूल-घास) चुनाव चिह्न पर दावों को सुनकर 6 अक्टूबर को होने वाले नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा उपचुनाव से पहले अंतरिम व्यवस्था तय करना।
सुनवाई का शेड्यूल: कब-किसको बुलाया गया?
रीतब्रत बनर्जी गुट: दोपहर 3 बजे (15:00)
ममता बनर्जी गुट: दोपहर 4 बजे (16:00)
दोनों पक्षों से समर्थक विधायकों/नेताओं की लिस्ट और संगठनात्मक दस्तावेज पेश करने को कहा गया है ताकि आयोग असली TMC कौन? का आकलन कर सके।
उपचुनाव की टाइमलाइन: क्यों जरूरी है जल्द फैसला?
नामांकन की अंतिम तिथि: 16 सितंबर (बुधवार)
स्कूटिनी: 17 सितंबर (गुरुवार)
नामांकन वापसी: 19 सितंबर (शनिवार)
वोटिंग: 6 अक्टूबर, काउंटिंग: 9 अक्टूबर
चूंकि नामांकन प्रक्रिया के दौरान ही उम्मीदवारों को पार्टी सिंबल चाहिए होता है, इसलिए EC से स्कूटिनी के दिन या तुरंत बाद अंतरिम आदेश की उम्मीद जताई जा रही है।
संभावित परिदृश्य: सिंबल किसके पास जाएगा?
मीडिया रिपोर्ट्स और EC की पिछली प्रैक्टिस (शिवसेना, NCP जैसे मामले) को देखते हुए तीन मुख्य विकल्प सामने हैं:
सिंबल फ्रीज: दोनों गुटों को अस्थायी रूप से नया/अलग चिन्ह आवंटित किया जाए, जब तक EC अंतिम फैसला न दे।
एक गुट को अस्थायी आवंटन: EC किसी एक खेमे (ज्यादा संगठनात्मक/विधायक समर्थन वाले) को अंतरिम तौर पर ‘जोड़ा घास फूल’ दे दे, दूसरे को नया चिन्ह।
दोनों को नए चिन्ह: अगर EC तुरंत ‘असली पार्टी’ तय नहीं कर पाता, तो दोनों को अलग-अलग नए चिन्ह देकर उपचुनाव करवाए।