कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में रविवार को बारिश के बीच दर्दनाक हादसा हो गया। साढ़ थाना क्षेत्र के हिरनी गांव में एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के समय मकान के अंदर मौजूद एक ही परिवार के पांच सदस्य मलबे में दब गए। मकान गिरने की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया। बाद में पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची।
करीब दो घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
जानकारी के मुताबिक, रविवार 6 सितंबर को ग्राम हिरनी, ब्लॉक पतारा में मुकेश कुमार पुत्र दारा सिंह का कच्चा मकान अचानक गिर गया। मकान के धराशायी होने के समय परिवार के सदस्य अंदर मौजूद थे। तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मलबा हटाने में जुट गए।
हादसे की सूचना मिलते ही साढ़ थाना पुलिस और अग्निशमन विभाग की रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर पहुंची। बचाव अभियान के लिए तीन फायर टेंडर रेस्क्यू उपकरणों के साथ और एक एमडीआरवी भी मौके पर भेजा गया। ग्रामीणों और रेस्क्यू टीम ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद मलबे में दबे सभी पांच लोगों को बाहर निकाल लिया।
मलबे से निकाले गए पांच सदस्य
पुलिस के अनुसार, हादसे में 45 वर्षीय मुकेश कुमार, उनकी 20 वर्षीय बेटी काजल, 17 वर्षीय माया, 7 वर्षीय नीतू और 5 वर्षीय पल्लवी मलबे में दब गए थे। सभी को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया।
इलाज के दौरान डॉक्टरों ने मुकेश कुमार, माया, नीतू और पल्लवी को मृत घोषित कर दिया। वहीं 20 वर्षीय काजल हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर किया गया है।
चार मौतों से गांव में पसरा मातम
एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत की खबर से हिरनी गांव में मातम पसर गया। हादसे के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।
डीसीपी ने की चार मौतों की पुष्टि
डीसीपी ने हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत की पुष्टि की है। पुलिस के मुताबिक, राहत और बचाव अभियान पूरा कर लिया गया है। घटनास्थल पर आवश्यक कार्रवाई की गई है और हादसे के संबंध में विधिक एवं अन्य कार्रवाई प्रचलित है। प्रशासन की टीम ने भी मौके का जायजा लिया है।
बारिश के दौरान कच्चे और जर्जर मकानों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से लगातार लोगों को जर्जर भवनों से दूर रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।