मथुरा। वृंदावन में हरियाली तीज के अवसर पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के बीच बीजेपी विधायक और पुलिस अधिकारी के बीच विवाद का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कोल से बीजेपी विधायक अनिल पाराशर और डीएसपी अमित पाठक के बीच बहस होती नजर आ रही है।
बताया जा रहा है कि हरियाली तीज के कारण वृंदावन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी थी। व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने वाहनों की आवाजाही पर निगरानी बढ़ा दी थी। इसी दौरान सौ शैया तिराहे पर ड्यूटी कर रहे डीएसपी अमित पाठक ने विधायक के काफिले की गाड़ियों को रोककर एंट्री मैसेज के बारे में जानकारी मांगी।
एंट्री को लेकर शुरू हुआ विवाद
काफिले को रोके जाने के बाद विधायक और पुलिस अधिकारी के बीच कहासुनी शुरू हो गई। वायरल वीडियो में दोनों एक-दूसरे से बातचीत करते हुए नजर आ रहे हैं। आरोप है कि बहस के दौरान विधायक ने डीएसपी को वर्दी उतरवाने की धमकी दी।
मामले का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे वीआईपी कल्चर से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि दूसरी ओर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी और भीड़ नियंत्रण की परिस्थितियों को लेकर भी चर्चा हो रही है।
लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच सख्त थी व्यवस्था
हरियाली तीज पर वृंदावन के प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए थे।
ऐसे में पुलिस अधिकारियों की ओर से वाहनों की जांच और एंट्री को लेकर पूछताछ की जा रही थी। इसी दौरान विधायक के काफिले को रोके जाने के बाद विवाद की स्थिति बनी।
वीडियो में कुछ समर्थक भी मौके पर मौजूद दिखाई दे रहे हैं। वहीं, एक पुलिस अधिकारी दोनों पक्षों के बीच हस्तक्षेप कर माहौल को शांत कराने का प्रयास करता नजर आता है।
कोल सीट से दो बार विधायक रह चुके हैं अनिल पाराशर
अनिल पाराशर बीजेपी के वरिष्ठ स्थानीय नेताओं में शामिल हैं। वह अलीगढ़ की कोल विधानसभा सीट से 2017 में पहली बार विधायक बने थे। 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें फिर टिकट दिया और उन्होंने दोबारा जीत हासिल की।