देशभर में सक्रिय मानसून ने कई राज्यों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जम्मू-कश्मीर से लेकर केरल, गुजरात, ओडिशा और असम तक भारी बारिश, बादल फटने और बाढ़ की घटनाओं ने व्यापक तबाही मचाई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से सड़क संपर्क बाधित हो गया है, जबकि मैदानी इलाकों में हजारों लोग जलभराव और बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
जम्मू-कश्मीर के शोपियां और किश्तवाड़ जिलों में बादल फटने की घटनाओं ने भारी नुकसान पहुंचाया है। किश्तवाड़ के चन्नू इलाके में देर रात करीब 2:30 बजे बादल फटने के बाद तेज बहाव में कई वाहन बह गए और कई मकानों को नुकसान पहुंचा। वहीं शोपियां में अचानक आए सैलाब से पूरा गांव जलमग्न हो गया। लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण कई राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गए हैं। अमरनाथ यात्रा भी प्रभावित हुई है, जबकि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा मार्गों पर मलबा और बड़े-बड़े पत्थर गिरने से आवाजाही बाधित हो गई है।
गुजरात में भी हालात गंभीर बने हुए हैं। सुरेंद्रनगर सहित कई जिलों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। कई आवासीय सोसाइटियों और निचले इलाकों में पानी भर गया है। प्रशासन को लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत, वडोदरा और नवसारी सहित कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अगले 24 से 48 घंटों के दौरान अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
ओडिशा के पुरी समेत कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। वहीं केरल में भी लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाके जलमग्न हैं और जनजीवन प्रभावित हुआ है। पूर्वोत्तर राज्य असम में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ से अब तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2.12 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। राहत एवं बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हुए हैं।
प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।