प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देशव्यापी ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से दूर रखकर एक स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत का निर्माण करना है। कार्यक्रम में देशभर के 28 हजार से अधिक स्थानों से एक करोड़ से ज्यादा युवाओं ने भाग लिया। प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले सभी प्रतिभागियों ने एक साथ नशा मुक्त भारत बनाने की शपथ ली।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह अभियान केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है तो देश का युवा शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए तथा उसे नशे जैसी घातक आदतों से दूर रहना होगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए नशा मुक्त युवा सबसे बड़ी ताकत बन सकते हैं।
पीएम मोदी ने शिक्षकों, प्रोफेसरों और शैक्षणिक संस्थानों से भी विशेष अपील करते हुए कहा कि वे अपने-अपने स्कूलों और कॉलेजों में नशे के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि हर युवा को नशे के चंगुल में फंसने से बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जो युवा नशे की लत से बाहर निकलकर नई जिंदगी की शुरुआत करता है, वह एक सच्चा योद्धा है और समाज को उसका सम्मान करना चाहिए। किसी व्यक्ति का अतीत उसकी पहचान नहीं बनना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स का नेटवर्क देश के युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाता है, इसलिए इसे जड़ से खत्म करने के लिए सरकार और समाज दोनों को मिलकर काम करना होगा।
इस कार्यक्रम में कई प्रमुख आध्यात्मिक गुरु, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, राज्यपाल, सामाजिक संगठन और शिक्षा संस्थानों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। ब्रह्माकुमारीज, इस्कॉन, चिन्मय मिशन, ऑरोविले सहित 125 से अधिक आध्यात्मिक और सामाजिक संगठनों ने इस अभियान में सहयोग दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी इस अभियान की जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह 100 सप्ताह तक चलने वाला जनभागीदारी अभियान होगा। हर रविवार देशभर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें MY Bharat, NSS स्वयंसेवक, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, युवा क्लब, एनजीओ और आध्यात्मिक संगठन सक्रिय रूप से भाग लेंगे। सरकार का लक्ष्य युवाओं को नशे से दूर रखकर उन्हें राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना है।