कर्नाटक के विजयपुरा जिले में आयोजित पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान एक छोटी-सी गलतफहमी ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। टिकोटा स्थित शारदाम्बा पीयू कॉलेज परीक्षा केंद्र पर OMR शीट और प्रश्न पत्र के सीरियल नंबर अलग-अलग होने को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया। इस विरोध के कारण परीक्षा केंद्र के बाहर काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा, हालांकि अधिकांश अभ्यर्थियों ने बिना किसी परेशानी के अपनी परीक्षा पूरी की।
जिला प्रशासन के अनुसार, प्रश्न पत्रों का वितरण निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया गया था। इसी दौरान कुछ उम्मीदवारों ने यह आपत्ति जताई कि उनके प्रश्न पत्र पर अंकित सीरियल नंबर OMR शीट से मेल नहीं खा रहे हैं। परीक्षा अधिकारियों ने तत्काल उम्मीदवारों को समझाया कि KEA के नियमों के अनुसार दोनों नंबरों का समान होना अनिवार्य नहीं है। अभ्यर्थियों को केवल प्रश्न पत्र का वर्जन कोड और अपना रजिस्ट्रेशन नंबर सही तरीके से OMR शीट में भरना होता है।
हालांकि, विरोध कर रहे उम्मीदवार इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने परीक्षा देने से इनकार कर दिया और प्रश्न पत्र लेकर परीक्षा कक्ष से बाहर निकल गए। बाद में जब उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ तो कुछ अभ्यर्थियों ने दोबारा परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने की कोशिश की। लेकिन परीक्षा नियमों के अनुसार उन्हें दोबारा अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। इस दौरान परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर धक्का-मुक्की और नारेबाजी भी हुई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी।
मौके पर मौजूद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखी। विजयपुरा के उपायुक्त डॉ. आनंद के. ने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए SOP का पालन करना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक बार कोई अभ्यर्थी प्रश्न पत्र लेकर परीक्षा हॉल से बाहर निकल जाता है, तो उसे दोबारा प्रवेश देने का कोई प्रावधान नहीं है। प्रशासन का कहना है कि नियमों में किसी भी प्रकार की ढील परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता को प्रभावित कर सकती थी। इस घटना के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में उम्मीदवारों को परीक्षा प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों की सही जानकारी देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया जा रहा है।