राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में शीर्ष अदालत के समक्ष दाखिल कर दी है। अब इस मामले की सुनवाई सोमवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ करेगी।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष चार अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई हैं। याचिकाकर्ताओं ने राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन की जांच, कथित अनियमितताओं की पड़ताल और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कुछ याचिकाओं में CBI जांच कराने का अनुरोध किया गया है, जबकि अन्य में ट्रस्ट के खातों का फोरेंसिक ऑडिट और CAG ऑडिट कराने की मांग भी शामिल है।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले की सुनवाई में कहा था कि चूंकि इस मामले में पहले से एफआईआर दर्ज है और राज्य सरकार ने SIT गठित कर दी है, इसलिए जांच की वर्तमान स्थिति से अदालत को अवगत कराया जाए। इसी आदेश के तहत SIT ने अपनी रिपोर्ट पेश की है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था। जांच दल में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सुप्रीम कोर्ट SIT की रिपोर्ट पर क्या टिप्पणी करता है और CBI जांच, फोरेंसिक ऑडिट तथा अन्य मांगों पर क्या फैसला सुनाता है।