मौसम विभाग (IMD) ने 30 जून के लिए 17 राज्यों में तेज हवाओं, बिजली गिरने और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। दिल्ली‑NCR में हल्की बूंदाबांदी और धूल‑भरी आंधी से लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई जिलों में 60‑70 किमी/घंटा तक की तेज हवाओं और भारी बारिश का अलर्ट है — जनता से सावधानी बरतने का अनुरोध किया गया है।
मुख्य बिंदु — राज्यवार असर
दिल्ली‑NCR: हल्की बारिश, धूल‑भरी आंधी और तेज हवाएं; अगले 5–6 दिनों में मानसून सक्रिय होने की संभावना।
उत्तर प्रदेश: मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, अलीगढ़, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज समेत 21+ जिलों में भारी बारिश‑और आंधी का अलर्ट।
बिहार: पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया, समस्तीपुर आदि जिलों में 65–70 किमी/घंटे तक की तेज हवाएँ और भारी बारिश की चेतावनी।
मध्य प्रदेश: भोपाल सहित राजगढ़, मंदसौर, विदिशा, सिवनी, छतरपुर आदि जिलों में भारी बारिश और 60–65 किमी/घंटे तक हवाओं का खतरा।
महाराष्ट्र और गोवा: अरब सागर के चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से मध्य महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा में 2–3 जुलाई को बहुत भारी बारिश की आशंका; 5 जुलाई तक बारिश जारी रह सकती है।
राजस्थान: कोटा, उदयपुर, जयपुर, भरतपुर संभागों में हल्की‑मध्यम बारिश; 3–5 जुलाई के बीच पूर्वी राजस्थान में गतिविधि तेज़ होगी।
पहाड़ी राज्य: उत्तराखंड, हिमाचल में कई भागों के लिए येलो/ऑरेंज अलर्ट — कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला आदि में 2–3 जुलाई भारी बारिश की संभावना।
तमिलनाडु: नीलगिरी, डिंडीगुल, थेनी में भारी बारिश व आंधी; चेन्नई‑कांचीपुरम‑मदुरै में हल्की‑मध्यम बारिश की संभावना।
लोगों के लिए सावधानियाँ (तुरंत करें)
घरों/स्कूलों से बाहर निकले तो तेज हवाओं और टूटते पेड़ों/विधुत तारों से बचें।
बारिश के दौरान निचले इलाकों/बाढ़‑प्रवण क्षेत्रों में न जाएँ; अगर आवश्यक हो तो ऊंचे स्थान पर शरण लें।
ड्राइव करते समय धीमी रफ्तार रखें, बाढ़ वाले रास्तों से बचें और ट्रैफिक‑अपडेट फॉलो करें।
बिजली/तारों के पास न रुकें; किसी भी खराब तार या जोखिम की सूचना तुरंत स्थानीय संबंधित अधिकारियों को दें।
कृषि‑क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को अलर्ट किया जाए; फसल/मालीय नुकसान की रोकथाम हेतु स्थानीय उपाय अपनाएं।
क्या बदल सकता है अगला 5‑7 दिन?
मानसून की प्रगति: दिल्ली‑NCR और उत्तर‑पश्चिमी भारत में अगले 5–6 दिनों में मानसून सक्रिय होने की संभावना IMD ने जताई है।
अरब सागर‑सिस्टम: पश्चिमी तटों पर बनी नमी‑पूर्ण सिस्टम 2–3 जुलाई को महाराष्ट्र/कोंकण/गोवा में बहुत भारी बारिश का कारण बन सकती है — इसे मॉनिटर करते रहें।
पहाड़ी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ 2–3 जुलाई को भारी बारिश बढ़ा सकता है — भू‑स्खलन/बाढ़ का खतरा बढ़ा रहता है।