उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के गाजियापुर गांव में एकादशी स्नान के दौरान हुई एक हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। घाघरा नदी के तट पर स्नान के लिए पहुंचे एक परिवार के साथ ऐसा हादसा हुआ, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। अपने छोटे भाई की जान बचाने के लिए दो सगी बहनों ने अपनी जान की परवाह नहीं की, लेकिन दुर्भाग्यवश दोनों तेज धारा में लापता हो गईं। प्रशासन, गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से लगातार खोज अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन खबर लिखे जाने तक दोनों बहनों का कोई पता नहीं चल सका था।
जानकारी के अनुसार, गाजियापुर गांव निवासी परिवार एकादशी के अवसर पर घाघरा नदी में स्नान करने पहुंचा था। सुबह करीब 10 बजे स्नान के दौरान परिवार का एक छोटा बच्चा अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। यह दृश्य देखकर उसकी बड़ी बहन प्रियांशु बिना देर किए नदी में कूद गई। उसने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए बच्चे को धक्का देकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचा दिया, जिससे उसकी जान बच गई।
हालांकि भाई को बचाने के बाद प्रियांशु खुद नदी की तेज धारा में फंस गई और बहने लगी। बहन को संकट में देखकर छोटी बहन प्रतिज्ञा भी उसे बचाने के लिए नदी में कूद पड़ी। लेकिन दुर्भाग्य से वह भी तेज बहाव की चपेट में आ गई और दोनों बहनें देखते ही देखते लापता हो गईं।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंच गई। क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी की निगरानी में व्यापक खोज अभियान शुरू किया गया। ग्रामीण भी बड़ी संख्या में नदी किनारे मौजूद हैं और बचाव कार्य में सहयोग कर रहे हैं। बावजूद इसके, अब तक दोनों बहनों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीण बहनों के साहस और त्याग की चर्चा कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि दोनों बहनों ने अपने भाई की जान बचाने के लिए जो कदम उठाया, वह मिसाल बन गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नदियों में स्नान के दौरान सुरक्षा उपायों का पालन बेहद जरूरी है। प्रशासन से मांग की जा रही है कि नदी घाटों पर लाइफ जैकेट, चेतावनी बोर्ड और प्रशिक्षित लाइफगार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल सभी की निगाहें खोज अभियान पर टिकी हैं और लोग दोनों बहनों के बारे में किसी सकारात्मक खबर की उम्मीद लगाए बैठे हैं।