मथुरा/वृंदावन। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के लिए रोजाना लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार दान भी करते हैं। हाल ही में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित गड़बड़ी से जुड़े मामलों के बाद अब बांके बिहारी मंदिर प्रशासन ने दान व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मंदिर परिसर में ऑनलाइन दान की सुविधा शुरू कर दी गई है, जिससे श्रद्धालु अब सीधे मोबाइल के जरिए चढ़ावा अर्पित कर सकेंगे।
मंदिर की हाई पावर कमेटी ने दान पेटिकाओं और प्रमुख स्थानों पर QR कोड लगवाए हैं। इन कोड्स को स्कैन कर श्रद्धालु आसानी से ऑनलाइन दान कर सकते हैं। प्रशासन का मानना है कि डिजिटल व्यवस्था से नकदी के प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना कम होगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर कार्यालय में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की विशेष मशीनें भी स्थापित की गई हैं। आने वाले समय में ऐसी और मशीनें लगाने की योजना है। मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मी भी भक्तों को डिजिटल माध्यम से दान करने के लिए जागरूक कर रहे हैं। साथ ही, मंदिर परिसर में ऑनलाइन दान संबंधी जानकारी देने वाले सूचना बोर्ड भी लगाए जाएंगे।
दरअसल, मंदिर में पहले भी चढ़ावे की राशि में हेराफेरी के मामले सामने आ चुके हैं। वर्ष 2025 में दान की रकम गिनने के दौरान एक बैंक कर्मचारी को लाखों रुपये की चोरी करते हुए पकड़ा गया था। इससे पहले भी कुछ कर्मचारियों पर चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोप लग चुके हैं। इन घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने दान व्यवस्था को आधुनिक और सुरक्षित बनाने का निर्णय लिया है।
मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ चढ़ावे में भी लगातार वृद्धि हो रही है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, मार्च से मई तक के तीन महीनों में ही करीब 4.90 करोड़ रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ है। इतनी बड़ी राशि के बेहतर प्रबंधन और पारदर्शी लेखा-जोखा के लिए डिजिटल प्रणाली को आवश्यक माना जा रहा है।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्था से श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा तथा दान प्रक्रिया अधिक सुरक्षित, सरल और पारदर्शी बन सकेगी।