मुंबई। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की खबर ने दुनियाभर के निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार ने मजबूत शुरुआत की और निवेशकों में उत्साह देखने को मिला।
सुबह कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स करीब 1,126 अंक उछलकर 76,654 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 करीब 339 अंक बढ़कर 23,962 के पास कारोबार करता दिखा और 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर को भी छू गया। बाजार में बढ़त का दायरा काफी व्यापक रहा, जहां अधिकांश शेयर हरे निशान में दिखाई दिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को उम्मीद है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव कम होता है, तो तेल की कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव घट सकता है। इससे भारत जैसे बड़े आयातक देशों को फायदा मिल सकता है। यही वजह है कि बाजार में खरीदारी बढ़ी।
सबसे ज्यादा तेजी वित्तीय, एविएशन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में देखने को मिली। बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, लार्सन एंड टुब्रो और इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) जैसे शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई। इन कंपनियों के शेयर 1% से 3% तक मजबूत हुए। रिलायंस इंडस्ट्रीज और टीसीएस जैसे बड़े शेयर भी बढ़त के साथ कारोबार करते रहे।
हालांकि सभी शेयरों में तेजी नहीं थी। ONGC, सिप्ला और अपोलो हॉस्पिटल्स के शेयरों पर शुरुआती कारोबार में कुछ दबाव देखने को मिला।
शेयर बाजार के साथ-साथ भारतीय रुपये में भी मजबूती आई। डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 52 पैसे मजबूत होकर लगभग 94.57 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। आमतौर पर वैश्विक तनाव कम होने पर विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ता है और इससे रुपये को समर्थन मिलता है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल निवेशकों की नजर आगे आने वाले वैश्विक घटनाक्रम, तेल की कीमतों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर रहेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय माहौल सकारात्मक बना रहता है, तो भारतीय बाजार में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है।
कुल मिलाकर, अमेरिका-ईरान शांति समझौते की खबर ने बाजार की धारणा को मजबूत किया और निवेशकों को नई उम्मीद दी है।