नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आयोजित INDIA गठबंधन की अहम बैठक में विपक्षी एकता के साथ-साथ गठबंधन के भीतर समन्वय और नेतृत्व को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक में करीब 25 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। कांग्रेस की ओर से Sonia Gandhi, Mallikarjun Kharge और Rahul Gandhi मौजूद रहे, जबकि अन्य दलों से Akhilesh Yadav, Mamata Banerjee, Tejashwi Yadav, Uddhav Thackeray और Omar Abdullah सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
बैठक के दौरान कुछ सहयोगी दलों ने कांग्रेस की कार्यशैली और गठबंधन के मुद्दों को प्रभावी ढंग से न उठाने पर सवाल खड़े किए। वाम दलों के नेताओं ने विशेष रूप से केरल की राजनीति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उन्हें भाजपा का सहयोगी बताने जैसे बयान गठबंधन की एकता को नुकसान पहुंचाते हैं। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने राज्य इकाई की सलाह के आधार पर अपनी बात रखी थी।
बैठक में कई नेताओं ने कांग्रेस को गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते क्षेत्रीय दलों को अधिक महत्व देने की सलाह दी। अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए सभी सहयोगी दलों को सम्मान और पर्याप्त राजनीतिक जगह मिलनी चाहिए।
वहीं ममता बनर्जी ने कहा कि अब उनके पास गठबंधन के लिए अधिक समय है और यदि जरूरत हो तो उनकी सेवाओं का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने भाजपा पर विपक्षी दलों को कमजोर करने की कोशिश का आरोप भी लगाया।
बैठक में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय समितियां बनाने का प्रस्ताव भी सामने आया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक विपक्षी दलों के बीच बेहतर तालमेल और आगामी चुनावी रणनीति तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।