पश्चिम बंगाल की चर्चित फलता विधानसभा सीट पर Bharatiya Janata Party ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने भारी मतों से जीत हासिल कर पार्टी को बड़ी सफलता दिलाई। इस जीत ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है, क्योंकि लंबे समय से इस सीट पर All India Trinamool Congress का दबदबा रहा था।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, देबांग्शु पांडा को कुल 1,49,666 वोट मिले। उन्होंने Communist Party of India (Marxist) के उम्मीदवार शंभु नाथ कुर्मी को 1 लाख 9 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया। सीपीआई(एम) उम्मीदवार को 40,645 वोट प्राप्त हुए। यह जीत बीजेपी के लिए बंगाल में एक बड़े राजनीतिक संदेश के तौर पर देखी जा रही है।
इस चुनाव में सबसे ज्यादा नुकसान टीएमसी को हुआ। पार्टी उम्मीदवार जहांगीर खान केवल 7,783 वोट हासिल कर चौथे स्थान पर रहे। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक मोल्ला तीसरे नंबर पर रहे और उन्हें 10,084 वोट मिले।
फलता विधानसभा सीट पर कुल करीब 2.36 लाख मतदाता हैं। साल 2021 के चुनाव में इस सीट पर टीएमसी ने करीब 57 प्रतिशत वोटों के साथ जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार नतीजे पूरी तरह बदल गए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पुनर्मतदान और स्थानीय मुद्दों ने चुनावी परिणामों पर बड़ा असर डाला।
गौरतलब है कि 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान अनियमितताओं के आरोप लगे थे। इसके बाद चुनाव आयोग ने सभी 285 बूथों पर 21 मई को दोबारा मतदान कराया। केंद्रीय सुरक्षा बलों की निगरानी में शांतिपूर्ण तरीके से वोटिंग हुई और अब आए नतीजों ने बीजेपी खेमे में उत्साह भर दिया है।