पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में अब सीबीआई जांच करेगी। इस मामले को लेकर बंगाल सरकार ने जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की सिफारिश की थी, जिसके बाद यह केस आधिकारिक तौर पर बंगाल पुलिस से सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया। जल्द ही कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग यानी DOPT की तरफ से नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, जिसके बाद सीबीआई अपनी जांच शुरू करेगी।
जानकारी के मुताबिक, इस हाई प्रोफाइल मामले की जांच के लिए डीआईजी रैंक के अधिकारियों की एक विशेष टीम बनाई गई है। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई की टीम जल्द ही घटनास्थल और संबंधित इलाकों का दौरा कर सकती है। इस हत्याकांड ने राज्य की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है।
इस मामले में बंगाल पुलिस पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने इन आरोपियों को उत्तर प्रदेश और बिहार से पकड़ा था। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को पश्चिम बंगाल लाकर बारासात कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 13 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। अदालत ने पुलिस को 24 मई तक आरोपियों को दोबारा पेश करने का निर्देश दिया है।
बताया जा रहा है कि पुलिस को जांच के दौरान एक बड़ा सुराग यूपीआई पेमेंट से मिला। आरोपियों ने कोलकाता के पास एक टोल प्लाजा पर ऑनलाइन भुगतान किया था। इसी डिजिटल ट्रांजेक्शन की मदद से पुलिस संदिग्धों तक पहुंचने में सफल रही। इसके बाद विशेष जांच दल यानी SIT ने तकनीकी जांच और लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए आरोपियों को पकड़ लिया।
10 मई 2026 को मध्यग्राम पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हत्या के पीछे क्या वजह थी और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
चंद्रनाथ रथ लंबे समय से शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी माने जाते थे। उनकी हत्या के बाद राजनीतिक गलियारों में भी कई सवाल उठ रहे हैं। अब मामला सीबीआई को सौंपे जाने के बाद उम्मीद की जा रही है कि जांच में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
फिलहाल सीबीआई की आधिकारिक जांच शुरू होने का इंतजार किया जा रहा है। वहीं बंगाल पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां लगातार एक-दूसरे के संपर्क में हैं ताकि केस से जुड़े सभी सबूत और दस्तावेज सही तरीके से ट्रांसफर किए जा सकें।