Central Bureau of Investigation ने दिल्ली पुलिस के द्वारका स्थित एंटी नारकोटिक्स सेल में तैनात एक हेड कांस्टेबल को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर शिकायतकर्ता को झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर 15 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने CBI को बताया था कि दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल और कुछ अन्य लोगों ने उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी दी थी। आरोपियों ने इस मामले से बचाने के बदले 15 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपी ने 21 अप्रैल तक 5 लाख रुपये की आंशिक रकम देने का दबाव बनाया था।
शिकायत मिलने के बाद CBI ने 21 अप्रैल को मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी हेड कांस्टेबल और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के तहत केस दर्ज किया गया। इसके बाद CBI ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने की रणनीति बनाई।
CBI की टीम ने शिकायतकर्ता के माध्यम से आरोपी को 2 लाख रुपये की पहली किस्त देने की व्यवस्था की। जैसे ही आरोपी हेड कांस्टेबल ने रिश्वत की रकम ली, CBI की टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। यह रकम 15 लाख रुपये की कुल रिश्वत का एक हिस्सा थी।
गिरफ्तारी के बाद CBI ने आरोपी के कार्यालय परिसर की तलाशी भी ली। इस दौरान वहां से 48.87 लाख रुपये नकद बरामद किए गए, जिसने मामले को और गंभीर बना दिया है। अब एजेंसी यह जांच कर रही है कि यह रकम कहां से आई और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं।
CBI अधिकारियों के अनुसार, मामले की गहन जांच जारी है और अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।
इसी बीच CBI ने एक अन्य बड़ी कार्रवाई में डिजिटल अरेस्ट के जरिए 1.6 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भी भंडाफोड़ किया है। इस मामले में IndusInd Bank के एक सहायक प्रबंधक सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि इन्होंने एक वरिष्ठ नागरिक को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर करोड़ों रुपये की ठगी की।