उत्तर प्रदेश में एक बार फिर प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से तीन आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया है। इस बदलाव के तहत जिलों में पुलिस नेतृत्व में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए हैं, जिनका सीधा असर स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा।
इस ताजा फेरबदल में संजिव सुमन, प्राची सिंह और अभिजीत आर. शंकर को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
देवरिया के पुलिस अधीक्षक रहे संजीव सुमन को अब लखनऊ में तैनाती दी गई है। उन्हें पुलिस महानिदेशक मुख्यालय से संबद्ध पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। यह पद रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, जहां राज्य स्तर पर पुलिसिंग से जुड़े कई अहम फैसलों में भूमिका रहती है।
वहीं, प्राची सिंह को 32वीं वाहिनी पीएसी, लखनऊ से हटाकर अंबेडकरनगर का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। उनके सामने जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अपराध नियंत्रण की बड़ी जिम्मेदारी होगी। अंबेडकरनगर जैसे जिले में एसपी का पद काफी अहम माना जाता है, जहां प्रशासनिक संतुलन और सख्त निगरानी दोनों की जरूरत होती है।
इसी क्रम में अभिजीत आर. शंकर, जो पहले अंबेडकरनगर में एसपी के पद पर कार्यरत थे, उन्हें अब देवरिया का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। 2018 बैच के युवा आईपीएस अधिकारी अभिजीत से उम्मीद की जा रही है कि वह देवरिया में अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग के नए मानक स्थापित करेंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले भी 9 अप्रैल को राज्य सरकार ने 12 आईपीएस अधिकारियों का बड़ा ट्रांसफर किया था। यह लगातार हो रहे तबादले इस बात का संकेत हैं कि सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर है और प्रशासनिक स्तर पर तेजी से बदलाव कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के ट्रांसफर से जहां एक ओर प्रशासनिक कार्यप्रणाली में नई ऊर्जा आती है, वहीं अधिकारियों को अलग-अलग जिलों में काम करने का अनुभव भी मिलता है। इससे पुलिसिंग सिस्टम को और बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
राज्य में बढ़ते अपराध और बदलते हालात के बीच यह फेरबदल काफी अहम माना जा रहा है। आने वाले समय में इन अधिकारियों के कामकाज पर सबकी नजरें रहेंगी, क्योंकि इनकी भूमिका सीधे तौर पर जनता की सुरक्षा और भरोसे से जुड़ी होती है।