उत्तर प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर फतेहपुर जनपद में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें विकास, रोजगार और जनकल्याण योजनाओं की झलक देखने को मिली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लखनऊ के लोकभवन से “नव निर्माण के 09 वर्ष” वार्षिक पुस्तक का विमोचन किया गया, जिसका सजीव प्रसारण राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) परिसर में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम जनता ने देखा।
कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री अजीत सिंह पाल, जिला पंचायत अध्यक्ष अभय प्रताप सिंह, विधायक कृष्णा पासवान और विकास गुप्ता सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा सरकार के 9 वर्षों के विकास कार्यों पर आधारित लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसे लोगों ने सराहा।
आईटीआई परिसर में आयोजित 9 दिवसीय मेले का शुभारंभ प्रभारी मंत्री द्वारा फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर किया गया। मेले में लगी चित्र प्रदर्शनी सरकार की उपलब्धियों को दर्शाने का मुख्य आकर्षण बनी। बड़ी संख्या में लोगों ने यहां पहुंचकर योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के दौरान रोजगार मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें 35 कंपनियों ने हिस्सा लिया और युवाओं का चयन साक्षात्कार के माध्यम से किया गया। इसके अलावा मेगा क्रेडिट कैंप के जरिए विभिन्न योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, स्टैंड-अप इंडिया और मुद्रा योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को लगभग 40 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया। इससे युवाओं, महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिली।

इस अवसर पर दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल, महिलाओं को चेक और युवाओं को टूल किट भी वितरित की गई। प्रभारी मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश अब घोषणाओं वाला प्रदेश नहीं बल्कि परिणाम देने वाला प्रदेश बन चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों में प्रदेश ने बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
जिलाधिकारी ने कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार की योजनाएं पारदर्शिता के साथ लागू की जा रही हैं, जिससे लोगों का विश्वास बढ़ा है। उन्होंने बताया कि यह मेला 9 दिनों तक चलेगा, जिसमें लाभार्थियों के अनुभव साझा करने और योजनाओं पर चर्चा के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सरकार की उपलब्धियों और जनता के साथ उसके संवाद का एक प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। इससे स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश विकास और सुशासन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।