बड़हलगंज में शिलापट्ट विवाद को लेकर राजनीति लगातार गर्म होती जा रही है। पूर्व विधायक Vinay Shankar Tiwari ने मंगलवार को मीडिया के सामने आकर अपने ऊपर दर्ज मुकदमे को पूरी तरह साजिश बताया और कई गंभीर आरोप लगाए।
तिवारी ने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज केस का समय और तरीका इस बात की ओर इशारा करता है कि यह मामला पहले से तैयार किया गया था। उन्होंने दावा किया कि घटना के 48 घंटे बाद मुकदमा दर्ज कराया गया, जिससे इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।
उन्होंने नगर पंचायत चेयरमैन के पति पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे लंबे समय से गनर की मांग कर रहे थे और जब उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो विवाद को जन्म दिया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में तिवारी ने विकास कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत द्वारा सार्वजनिक स्थलों का व्यावसायीकरण किया जा रहा है और सरकारी धन का सही उपयोग नहीं हो रहा है।
उन्होंने अपने पिता Harishankar Tiwari के कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों के शिलापट्टों को हटाकर नए लगाए जा रहे हैं, जो इतिहास के साथ छेड़छाड़ है।
इसके अलावा जल आपूर्ति परियोजना को लेकर भी उन्होंने आरोप लगाए कि कॉलेज की जमीन पर बनी टंकी को नगर पंचायत कार्यालय में बदल दिया गया है।
तिवारी ने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन में कभी विवाद नहीं रहा, लेकिन उन्हें लगातार उकसाया जा रहा है।
फिलहाल इस मामले ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन आने वाले दिनों में इस विवाद के और तूल पकड़ने की संभावना है।