दुनिया भर में बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव के बीच ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए अहम कदम उठाया गया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने घोषणा की है कि International Energy Agency (IEA) ने वैश्विक पेट्रोलियम भंडार से लगभग 400 मिलियन बैरल तेल बाजार में जारी करने का फैसला किया है।
यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बाजार में अतिरिक्त तेल उपलब्ध कराया जाता है तो कीमतों में तेजी को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
ट्रंप के अनुसार IEA का यह कदम दुनिया के कई देशों के समन्वय से लिया गया है। विभिन्न देशों के पास रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार मौजूद हैं, जिनका उपयोग आपातकालीन स्थिति में किया जाता है। इसी भंडार से तेल जारी कर बाजार में आपूर्ति बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखना है। अगर बाजार में पर्याप्त मात्रा में तेल उपलब्ध रहेगा तो उपभोक्ताओं और उद्योगों दोनों को राहत मिल सकती है।
इस फैसले के पीछे एक प्रमुख कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव भी बताया जा रहा है। क्षेत्र में किसी भी तरह की अस्थिरता का असर तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर पड़ता है। इसलिए ऊर्जा बाजार को संतुलित रखने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहा है। खाड़ी क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों और तेल टैंकरों की आवाजाही सुरक्षित रहे, इसके लिए अमेरिकी सेना सक्रिय है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ईरान से जुड़े संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए एक सैन्य अभियान चलाया गया है, जिसका नाम “Epic Fury” रखा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर IEA की योजना के तहत बड़े पैमाने पर तेल जारी किया जाता है तो इससे वैश्विक बाजार में संतुलन बनाए रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि अंतिम प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि वैश्विक मांग और भू-राजनीतिक स्थिति किस दिशा में जाती है।