वैश्विक संकट के बीच सरकार सतर्क, गैस आपूर्ति बनाए रखने के लिए ESMA लागू

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अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने आवश्यक सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए Essential Services Maintenance Act लागू करते हुए प्राकृतिक गैस वितरण को प्राथमिकता के आधार पर नियंत्रित करने का निर्णय लिया है।

हाल के दिनों में Iran और Israel के बीच संघर्ष बढ़ने और इसमें United States की सक्रियता के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ी है। इसी को देखते हुए सरकार ने घरेलू गैस आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए विशेष व्यवस्था लागू की है।

सरकार द्वारा जारी आदेश के तहत गैस वितरण को चार प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है। पहली श्रेणी में घरेलू उपयोग के लिए पाइप्ड गैस, वाहनों के लिए सीएनजी, एलपीजी उत्पादन और पाइपलाइन संचालन शामिल हैं। इन क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए लगभग पूरी गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

दूसरी श्रेणी में उर्वरक उद्योग को रखा गया है। इस क्षेत्र को उनकी औसत खपत का लगभग 70 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके उपयोग की निगरानी Petroleum Planning and Analysis Cell द्वारा की जाएगी।

तीसरे सेक्टर में औद्योगिक उपभोक्ताओं जैसे चाय उद्योग और अन्य विनिर्माण इकाइयों को रखा गया है। इन क्षेत्रों को लगभग 80 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।

चौथे सेक्टर में सिटी गैस वितरण नेटवर्क से जुड़े औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ता आते हैं। इन उपभोक्ताओं को भी औसत खपत के आधार पर गैस दी जाएगी।

सरकार ने यह भी कहा है कि यदि प्राथमिक क्षेत्रों में गैस की आवश्यकता अधिक होती है तो कुछ अन्य सेक्टरों में गैस आपूर्ति घटाई जा सकती है। इसमें पेट्रोकेमिकल उद्योग और कुछ बिजली संयंत्र शामिल हो सकते हैं।

सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था के जरिए घरेलू उपभोक्ताओं और जरूरी उद्योगों के लिए गैस की उपलब्धता बनाए रखी जा सकेगी और वैश्विक संकट का असर कम किया जा सकेगा।

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