ई-कॉमर्स कंपनी Flipkart ने अपने कर्मचारियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने करीब 300 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। यह छंटनी 6 और 7 मार्च को हुए सालाना परफॉर्मेंस रिव्यू के बाद की गई है। इस कदम से कंपनी के कुल कर्मचारियों का लगभग 1.5 प्रतिशत प्रभावित हुआ है।
फ्लिपकार्ट का कुल वर्कफोर्स करीब 20 हजार कर्मचारियों का है। जिन कर्मचारियों को बाहर किया गया है, वे अलग-अलग विभागों से जुड़े थे। इनमें इंजीनियरिंग, ऑपरेशंस और मार्केटिंग जैसे प्रमुख विभाग शामिल हैं।
कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक यह कदम उसके नियमित परफॉर्मेंस मैनेजमेंट प्रोसेस का हिस्सा है। इस प्रक्रिया के तहत कर्मचारियों के काम का मूल्यांकन किया जाता है और कमजोर प्रदर्शन करने वालों को कंपनी छोड़ने के लिए कहा जाता है।
गौरतलब है कि फ्लिपकार्ट ने पहले भी इसी तरह के कदम उठाए हैं। 2024 की शुरुआत में कंपनी ने अपने परफॉर्मेंस रिव्यू के दौरान करीब 1,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। उस समय यह संख्या कंपनी के कुल कर्मचारियों का करीब 5 प्रतिशत थी।
हाल के वर्षों में कई टेक कंपनियां लागत कम करने और कामकाज को अधिक कुशल बनाने पर ध्यान दे रही हैं। इसी रणनीति के तहत फ्लिपकार्ट भी अपने ऑपरेशनल खर्चों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है।
फिलहाल कंपनी भारत में अपना IPO लाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए फ्लिपकार्ट ने कई बड़े निवेश बैंकों से बातचीत शुरू की है, जिनमें Goldman Sachs, Morgan Stanley, JPMorgan Chase और Kotak Mahindra Capital शामिल हैं।
इसके अलावा कंपनी अपने कॉर्पोरेट ढांचे में भी बदलाव कर रही है। फ्लिपकार्ट अपना बेस सिंगापुर से भारत में शिफ्ट करने की प्रक्रिया में है और इसके साथ ही सीनियर लीडरशिप में भी कुछ बदलाव किए जा रहे हैं।
हालांकि कंपनी का राजस्व वित्तीय वर्ष 2025 में करीब 14 प्रतिशत बढ़ा है, लेकिन कंपनी अभी भी घाटे में चल रही है। ऐसे में लागत कम करने के लिए कंपनी ने पिछले एक साल से नई भर्ती पर भी रोक लगा रखी है।