उत्तर प्रदेश को औद्योगिक महाशक्ति बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक अहम विदेशी दौरे पर जा रहे हैं। 2017 के बाद यह उनका पहला अंतरराष्ट्रीय प्रवास है, जिसे निवेश कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चार दिनों की इस यात्रा में मुख्यमंत्री सिंगापुर और जापान के उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे। राज्य सरकार के मुताबिक, 33 बड़ी कंपनियों के साथ बैठकें तय हैं, जिनमें ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, कृषि प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर और अक्षय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों पर फोकस रहेगा।
सिंगापुर में निवेशकों के साथ ‘गवर्नमेंट टू बिजनेस’ बैठकों के जरिए सीधे संवाद होगा। मुख्यमंत्री प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, स्थिर शासन व्यवस्था और निवेश के अनुकूल माहौल की जानकारी देंगे। वहीं जापान में ऑटोमोबाइल कंपनियों और इलेक्ट्रॉनिक निर्माण क्षेत्र से जुड़े समूहों के साथ संभावित साझेदारी पर चर्चा होगी।
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इस दौरे का एक अहम पहलू ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा और रियल एस्टेट निवेश पर वार्ता भी है। अधिकारियों का मानना है कि इन क्षेत्रों में सहयोग से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और औद्योगिक आधार मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री प्रवासी भारतीय समुदाय और छात्रों को भी संबोधित करेंगे। इससे राज्य की विकास यात्रा को वैश्विक स्तर पर साझा करने और निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में मदद मिलेगी।
राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाना है। ऐसे में यह दौरा केवल निवेश आमंत्रण नहीं, बल्कि ‘मेक इन यूपी’ अभियान को वैश्विक पहचान दिलाने का प्रयास भी है। आने वाले समय में इन बैठकों के ठोस परिणामों पर सभी की नजर रहेगी।