सुपौल जिले के एक प्रशिक्षण स्कूल में सामने आए विवाद ने शिक्षा जगत में चिंता बढ़ा दी है। आरोप है कि संस्थान के प्रिंसिपल के मोबाइल फोन में महिला शिक्षिकाओं की लगभग 150 तस्वीरें मिलीं। मामला तब सामने आया जब एक शिक्षिका ने उन्हें मोबाइल स्क्रीन पर तस्वीर को ज़ूम कर देखते हुए देखा।
आपत्ति जताने के बाद अन्य शिक्षिकाएं और कर्मचारी भी इकट्ठा हो गए। मोबाइल की जांच में कथित तौर पर कई तस्वीरें पाई गईं, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। शिक्षिकाओं ने इसे निजता का गंभीर उल्लंघन बताया और संस्थान में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रिंसिपल ने तस्वीरें होने की बात स्वीकार करते हुए दावा किया कि वे सोशल मीडिया से डाउनलोड की गई थीं। हालांकि, इस दावे पर संदेह जताया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
अमेरिकी टैरिफ नीति में बदलाव: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भारत को फायदा – Sindhu Times
सूचना मिलने पर पुलिस ने पहुंचकर स्थिति संभाली। जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने जांच शुरू की है। संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि तथ्य सामने आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
घटना ने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों में आचार संहिता और डिजिटल व्यवहार के स्पष्ट नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए।
फिलहाल जांच जारी है और सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।