भोजपुरी इंडस्ट्री में इन दिनों एक सवाल चर्चा में था—क्या खेसारी लाल यादव राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने जा रहे हैं? हालिया बयानों और बिहार चुनाव के दौरान उनकी मौजूदगी ने इस अटकल को हवा दी थी। लेकिन अब खुद खेसारी ने स्थिति स्पष्ट कर दी है।
अटकलें क्यों लगीं?
राजनीतिक माहौल में उनकी भागीदारी और कुछ कलाकारों के साथ बयानबाजी के कारण यह माना जाने लगा था कि वे किसी बड़े दल से जुड़ सकते हैं। खासकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की चर्चाएं सोशल मीडिया पर खूब चलीं। हालांकि, खेसारी ने इन सभी कयासों को खारिज कर दिया।
उनका साफ संदेश
खेसारी का कहना है कि वे मूल रूप से कलाकार हैं और वही उनकी असली पहचान है। उनके अनुसार, राजनीति में कई बार ऐसे समझौते करने पड़ते हैं जो उनके स्वभाव से मेल नहीं खाते। उन्होंने यह भी माना कि पूर्व में चुनाव लड़ने के अनुभव ने उन्हें यह एहसास कराया कि राजनीतिक जीवन आसान नहीं है।
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निजी विवादों से दूरी
बातचीत के दौरान उनसे पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के निजी विवाद पर भी सवाल किया गया। इस पर खेसारी ने संयमित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी के पारिवारिक मामलों में दखल देना सही नहीं है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सोशल मीडिया पर अनावश्यक बयानबाजी अक्सर गलतफहमियां बढ़ाती है।
आगे की राह
खेसारी अब पूरी तरह फिल्मों और म्यूजिक प्रोजेक्ट्स पर ध्यान देना चाहते हैं। उनके प्रशंसक भी चाहते हैं कि वे मनोरंजन की दुनिया में ही सक्रिय रहें।
इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि खेसारी लाल यादव फिलहाल सियासत से दूरी बनाकर अपने कलात्मक सफर को ही प्राथमिकता दे रहे हैं। राजनीति में संभावित एंट्री की चर्चाओं पर उन्होंने विराम लगा दिया है और साफ कर दिया है कि उनकी पहचान एक कलाकार के रूप में ही बनी रहेगी।