भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत सतर्क माहौल के साथ हुई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान में खुले, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में तेज बिकवाली ने बाजार की कमजोरी को और गहरा कर दिया। निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बचते नजर आ रहे हैं।
आईटी शेयरों पर वैश्विक टेक कंपनियों में आई कमजोरी का असर साफ दिखाई दिया। हालांकि इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा जैसे दिग्गज शेयरों में हालिया गिरावट के बाद सीमित स्तर पर खरीदारी दिखी, जिससे बड़ी गिरावट टल गई।
बाजार को कहां से मिल रहा सहारा
कमजोर माहौल के बीच कुछ लार्जकैप और डिफेंसिव शेयरों ने बाजार को संभालने का काम किया। एसबीआई और एनटीपीसी जैसे शेयरों में हल्की तेजी रही, जिससे बेंचमार्क इंडेक्स पर दबाव कुछ कम हुआ। एफएमसीजी सेक्टर की मजबूती भी निवेशकों को राहत देती नजर आई।
विश्लेषकों का कहना है कि जब तक मिडकैप और स्मॉलकैप में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में तेजी सीमित रह सकती है।
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रुपये में दिखी हल्की मजबूती
शेयर बाजार की गिरावट के बावजूद रुपये ने शुरुआती कारोबार में मजबूती दिखाई। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 7 पैसे की बढ़त के साथ 90.40 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि विदेशी मुद्रा बाजार में कारोबार सीमित दायरे में रहा।
फॉरेक्स ट्रेडर्स के अनुसार, निवेशक फिलहाल भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से जुड़ी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं। किसी भी तरह का औपचारिक बयान या दस्तावेज सामने न आने के कारण बाजार में सतर्कता बनी हुई है। इसके अलावा, शुक्रवार को आने वाले आरबीआई के ब्याज दर फैसले से पहले भी निवेशक बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं।
आगे बाजार की दिशा क्या होगी
आने वाले सत्रों में बाजार की चाल काफी हद तक वैश्विक संकेतों, आईटी शेयरों की दिशा और आरबीआई के रुख पर निर्भर करेगी। अगर सपोर्ट लेवल कायम रहता है, तो सीमित रिकवरी संभव है, लेकिन कमजोरी बढ़ने पर निवेशकों को और उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना होगा।