उत्तर प्रदेश राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर लखनऊ पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य की सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा को एक साथ जोड़ते हुए बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि भारत की सभ्यता, संस्कृति और चेतना का केंद्र है। भगवान कृष्ण से लेकर भगवान बुद्ध तक, इस भूमि ने मानवता को दिशा देने वाले महान विचार दिए हैं।
अमित शाह ने लखनऊ में आयोजित समारोह के दौरान राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल की प्रशंसा करते हुए इसे “विकास का प्रतीक” बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने 65 एकड़ में फैले कचरे के ढेर को एक प्रेरणादायक स्थल में बदलकर यह साबित कर दिया है कि सही नीति और इच्छाशक्ति से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने बीते वर्षों में अभूतपूर्व बदलाव देखा है। रोजगार, कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हुए सुधारों से राज्य की छवि पूरी तरह बदली है। ‘एक जिला, एक उत्पाद’ योजना का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह मॉडल स्थानीय कारीगरों और युवाओं को आत्मनिर्भर बना रहा है और देशभर में इसकी चर्चा हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि आज उत्तर प्रदेश भारत की खाद्य सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहा है। राज्य न सिर्फ कृषि उत्पादन में अग्रणी बन रहा है, बल्कि आधुनिक तकनीक के जरिए किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहा है। अयोध्या में बने राम मंदिर को उन्होंने सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बताया और कहा कि यह मंदिर देश की आस्था और इतिहास से जुड़ा हुआ है।
राजनीतिक संदर्भ में अमित शाह ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस की सरकारों ने केवल सत्ता का दुरुपयोग किया। उन्होंने जनता से अपील की कि वे आगामी चुनावों में जातिगत राजनीति से ऊपर उठकर विकास को प्राथमिकता दें और “डबल इंजन सरकार” को मजबूत करें।
उत्तर प्रदेश राज्य स्थापना दिवस हर वर्ष 24 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन उस ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाता है जब 1950 में संयुक्त प्रांत को उत्तर प्रदेश नाम मिला। तब से यह राज्य भारत के राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिदृश्य का अभिन्न हिस्सा बना हुआ है। गंगा, यमुना और सरयू नदियों के तट पर बसे धार्मिक और ऐतिहासिक नगर आज भी लाखों लोगों को आकर्षित करते हैं।