उत्तर प्रदेश दिवस 2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश सिर्फ एक औपचारिक शुभकामना नहीं, बल्कि प्रदेश की बदली हुई तस्वीर का प्रतिबिंब था। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक गौरव और तेज़ी से हो रहे विकास की विस्तार से चर्चा की।
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश, जो कभी नीतिगत उपेक्षा और अव्यवस्था का शिकार रहा, आज आत्मविश्वास के साथ भारत के विकास का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सख्त निर्णय, पारदर्शी प्रशासन और जनहित केंद्रित नीतियों ने राज्य की दिशा बदल दी है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक पहचान को रेखांकित करते हुए कहा कि यह भूमि ऋषियों, संतों और महापुरुषों की तपोभूमि रही है। अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयाग जैसे नगर न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र हैं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना की धुरी भी हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह विरासत ही प्रदेश को आत्मिक और नैतिक शक्ति प्रदान करती है।
विकास के मोर्चे पर बात करते हुए सीएम योगी ने कहा कि औद्योगिक निवेश, स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्किल डेवलपमेंट ने युवाओं के लिए नए अवसर खोले हैं। ODOP जैसी योजनाओं ने पारंपरिक कारीगरी और स्थानीय उद्योगों को वैश्विक पहचान दिलाई है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश अब सिर्फ श्रम नहीं, बल्कि स्किल और इनोवेशन का केंद्र बन रहा है।
महिलाओं की भागीदारी को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों और आर्थिक योजनाओं ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में हुए निवेश ने समाज के कमजोर वर्गों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है।
सीएम योगी ने इंफ्रास्ट्रक्चर को विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, रेलवे नेटवर्क और जलमार्गों के विस्तार से राज्य की कनेक्टिविटी अभूतपूर्व हुई है। इससे न केवल व्यापार बढ़ा है, बल्कि पर्यटन और रोजगार के नए द्वार भी खुले हैं।
इतिहास की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि उत्तर प्रदेश वैदिक काल से लेकर आधुनिक भारत तक ज्ञान, धर्म और संस्कृति का केंद्र रहा है। भगवान बुद्ध का सारनाथ से दिया गया उपदेश हो या रामायण और महाभारत की कथाएं—इस भूमि का योगदान अतुलनीय रहा है।
अपने संदेश के अंत में सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब उपद्रव नहीं, उत्सव का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे एक विकसित, सुरक्षित और समृद्ध उत्तर प्रदेश के निर्माण में सहभागी बनें।