- ED की छापेमारी में 40 विभागों से जुड़ा बड़ा घोटाला उजागर
सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले युवाओं को निशाना बनाकर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पर्दाफाश किया है। शुरुआती तौर पर यह मामला रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) और भारतीय रेलवे के नाम पर फर्जी नियुक्तियों से जुड़ा सामने आया था, लेकिन जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, घोटाले का दायरा भी फैलता चला गया। अब सामने आया है कि यह गिरोह करीब 40 सरकारी विभागों और संस्थानों के नाम पर युवाओं को धोखा दे रहा था।
ईडी की पटना जोनल टीम ने इस फर्जी सरकारी नौकरी रैकेट के खिलाफ देश के कई राज्यों में एक साथ छापेमारी शुरू की है। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी सरकारी विभागों से मिलते-जुलते फर्जी ईमेल आईडी बनाकर उम्मीदवारों को ज्वॉइनिंग लेटर भेजते थे, जिससे उन्हें भरोसा हो जाए कि नौकरी पूरी तरह वैध है।
सैलरी देकर जीतते थे भरोसा
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह ने कुछ पीड़ितों को दो से तीन महीने तक सैलरी भी दी, ताकि शक की कोई गुंजाइश न रहे। इसके बाद उनसे अलग-अलग बहानों से मोटी रकम वसूली जाती थी। रेलवे में RPF, टीटीई, टेक्नीशियन जैसे पदों पर नियुक्ति का लालच सबसे ज्यादा दिया गया।
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किन-किन विभागों के नाम पर ठगी
ईडी के अनुसार, इस घोटाले में रेलवे, RRB के अलावा वन विभाग, भारतीय डाक, आयकर विभाग, हाई कोर्ट, पीडब्ल्यूडी, बिहार सरकार, डीडीए, राजस्थान सचिवालय जैसे कई प्रतिष्ठित विभागों के नाम का इस्तेमाल किया गया।
ईडी ने इस मामले में देशभर के 15 ठिकानों पर एक साथ रेड की है। बिहार के मुजफ्फरपुर और मोतिहारी, पश्चिम बंगाल के कोलकाता, केरल, तमिलनाडु, गुजरात और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
प्रवर्तन निदेशालय को आशंका है कि इस गिरोह ने सैकड़ों युवाओं से करोड़ों रुपये की ठगी की है। फिलहाल मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से भी जांच चल रही है और डिजिटल डिवाइस व दस्तावेजों की गहन पड़ताल की जा रही है।