- 20 साल पुराने जिला कार्यालय को खाली करने का नोटिस
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से सियासी हलचल बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। नगर पालिका प्रशासन ने समाजवादी पार्टी (SP) के जिला कार्यालय को खाली करने का नोटिस जारी किया है। यह कार्यालय पिछले करीब 20 वर्षों से टाउन हॉल क्षेत्र में संचालित हो रहा था। प्रशासन ने सपा जिलाध्यक्ष को नोटिस भेजते हुए 15 दिनों के भीतर कार्यालय परिसर खाली करने का निर्देश दिया है।
नगर पालिका का कहना है कि जिस जमीन पर यह कार्यालय बना हुआ है, वह नजूल भूमि है और उस पर पार्टी का कब्जा नियमों के खिलाफ है। प्रशासन के अनुसार, इस जमीन का आवंटन पहले ही रद्द किया जा चुका था, इसके बावजूद लंबे समय से वहां पार्टी कार्यालय संचालित किया जा रहा था।

क्या है पूरा विवाद?
यह मामला साल 2005 से जुड़ा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, 15 जनवरी 2005 को तत्कालीन समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान इस भूमि को पार्टी कार्यालय के लिए आवंटित किया गया था। करीब 3000 वर्ग फीट की यह जमीन बेहद कम दर, मात्र 100 रुपये सालाना किराए पर दी गई थी।
हालांकि, जमीन आवंटित होने के महज चार महीने बाद ही, 14 मई 2005 को इसे निरस्त कर दिया गया। इसके बावजूद सपा कार्यालय पिछले दो दशकों से उसी स्थान पर संचालित होता रहा।
बताया जा रहा है कि उस समय यह आवंटन नगर पालिका अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल के कार्यकाल में किया गया था। प्रशासन का दावा है कि आवंटन रद्द होने के बाद कार्यालय का संचालन पूरी तरह अवैध है।
15 दिनों की समय-सीमा
नगर पालिका द्वारा भेजे गए नोटिस में साफ कहा गया है कि निर्धारित समय के भीतर यदि कार्यालय खाली नहीं किया गया, तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी देखने को मिल रही है।