- अखिलेश यादव ने कहा– आदिवासी समाज ने अपना पितामह खो दिया
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से दुखद खबर सामने आई है। दुद्धी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक और आदिवासी समाज के वरिष्ठ नेता विजय सिंह गोंड का गुरुवार को निधन हो गया। वे 71 वर्ष के थे और लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि सपा नेता अवधनारायण यादव ने की है।
जानकारी के मुताबिक, विजय सिंह गोंड की दोनों किडनियां खराब हो चुकी थीं, जिसके कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे सोनभद्र जिले और आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई।
अखिलेश यादव ने जताया शोक
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने विजय सिंह गोंड के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। सूचना मिलते ही वे पीजीआई पहुंचे और परिवारजनों से मुलाकात की। अखिलेश यादव ने कहा कि विजय सिंह गोंड आदिवासी समाज की सशक्त आवाज थे और उन्होंने अपना पूरा जीवन जनसेवा में समर्पित कर दिया। जनता का जो विश्वास उन्हें बार-बार मिला, वह उनकी लोकप्रियता और कार्यों का प्रमाण है।
आदिवासी राजनीति के स्तंभ
विजय सिंह गोंड को दुद्धी विधानसभा क्षेत्र में ‘पितामह’ की उपाधि दी जाती थी। दुद्धी उत्तर प्रदेश की अंतिम और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित विधानसभा सीट है। इस क्षेत्र में दशकों तक विजय सिंह गोंड का राजनीतिक प्रभाव बना रहा। वे आदिवासी अधिकारों, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के लिए लगातार संघर्ष करते रहे।
आठ बार विधायक बने
विजय सिंह गोंड आठ बार विधायक चुने गए। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत वर्ष 1980 में कांग्रेस से की थी। इसके बाद वे निर्दलीय, जनता दल और समाजवादी पार्टी से चुनाव जीतते रहे। आरक्षण के कारण दो बार वे स्वयं चुनाव नहीं लड़ सके, लेकिन उनके समर्थित उम्मीदवार विजयी रहे। 2024 के उपचुनाव में उन्होंने एक बार फिर दुद्धी से जीत दर्ज की थी।