- पुलिस कमिश्नर बोले– जाम हुआ तो इंस्पेक्टर पर होगी कार्रवाई
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश की धार्मिक राजधानी प्रयागराज में माघ मेला 2026 श्रद्धा और अनुशासन के साथ आगे बढ़ रहा है। लाखों श्रद्धालु संगम स्नान के लिए पहुंच रहे हैं, वहीं प्रशासन इस विशाल आयोजन को सुचारु रूप से संचालित करने में जुटा है। इसी कड़ी में प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने अधिकारियों को कड़ा संदेश दिया है कि मेला क्षेत्र या शहर में ट्रैफिक जाम किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि माघ मेले के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने साफ कर दिया कि यदि किसी क्षेत्र में जाम लगता है, तो वहां के इंस्पेक्टर को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा। यह चेतावनी सभी थाना प्रभारियों और ट्रैफिक अधिकारियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है।
जमीनी हकीकत जानने उतरे वरिष्ठ अधिकारी
पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व के शांतिपूर्ण आयोजन के बाद पुलिस कमिश्नर और एडिशनल सीपी अजय पाल शर्मा ने पूरे मेला क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्नान घाटों से लेकर मुख्य सड़कों, पार्किंग स्थलों और ट्रैफिक पॉइंट्स का निरीक्षण किया। अधिकारियों को मौके पर ही दिशा-निर्देश दिए गए और व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
निरीक्षण के दौरान अफसरों ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि श्रद्धालुओं के साथ किसी भी प्रकार की सख्ती नहीं, बल्कि सहयोग और संवेदनशीलता के साथ पेश आया जाए। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि श्रद्धालु मेहमान होते हैं और उनकी सुविधा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मौनी अमावस्या पर खास फोकस
माघ मेले में अभी चार स्नान पर्व शेष हैं, जिनमें मौनी अमावस्या सबसे बड़ा आयोजन माना जाता है। इस दिन भारी भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक प्लान को और मजबूत किया जा रहा है। बाहरी वाहनों को शहर में प्रवेश से पहले पार्किंग में रोका जाएगा, जहां से श्रद्धालुओं को निर्धारित साधनों से घाटों तक पहुंचाया जाएगा।
पौष पूर्णिमा के दिन करीब 31 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया, लेकिन कहीं भी जाम या अव्यवस्था की शिकायत सामने नहीं आई। प्रशासन का मानना है कि यही मॉडल आगे भी अपनाया जाएगा और तकनीक के साथ-साथ पुलिस बल की सतर्कता से व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा।