संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बिजली चोरी को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध कनेक्शनों का जाल तोड़ दिया है। बिजली विभाग को लगातार मिल रही शिकायतों और बढ़ते लाइन लॉस के बाद जिले में विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक खुद मौके पर मौजूद रहकर पूरी प्रक्रिया की निगरानी करते नजर आए।
छापेमारी में सामने आया कि कुछ इलाकों में बिजली चोरी केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामूहिक स्तर पर की जा रही थी। एक ही अवैध कनेक्शन से दर्जनों घरों को बिजली दी जा रही थी, जिससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा था।
चोरी की अनोखी तरकीब
बिजली चोरों ने जांच से बचने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था। पहले बिजली के पोल से सीधा कनेक्शन लिया जाता, फिर तार को जमीन में दबाकर ऊपर से कूड़ा डाल दिया जाता था। इसके बाद दीवारों में छेद करके तार घरों के अंदर पहुंचा दिया जाता था। बाहर से देखने पर किसी तरह की बिजली लाइन नजर नहीं आती थी।
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राय सत्ती इलाके में प्रशासन की टीम जब पहुंची तो एक तीन मंजिला इमारत से बिजली चोरी का बड़ा नेटवर्क सामने आया। यहां से 40 से 50 घरों में बिजली सप्लाई दी जा रही थी। बिजली विभाग ने मौके पर ही सभी अवैध तार काट दिए।
बताया गया कि इस परिवार के खिलाफ पहले भी बिजली चोरी के मामले दर्ज हैं। मीटर हटाए जाने के बावजूद दोबारा अवैध कनेक्शन जोड़े गए थे। छापेमारी से पहले अलर्ट मिलने के लिए घर के बाहर कई सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे।
सराय तरीन का मामला
सराय तरीन इलाके में एक अलग तरह का मामला सामने आया। यहां एक मकान से बिजली का तार मस्जिद के ऊपर से होकर दूसरे घर तक ले जाया गया था। विभाग की जांच में पता चला कि यह कनेक्शन नियमों के खिलाफ था। बिजली विभाग ने तुरंत लाइन काट दी।
मकान मालिक ने दावा किया कि किराएदार के लिए नया मीटर नहीं लगाया गया था, इसलिए मजबूरी में अस्थायी कनेक्शन दिया गया, लेकिन विभाग ने इसे अवैध मानते हुए कार्रवाई की।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बिजली चोरी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन लोगों पर पहले से मुकदमे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा।