उत्तर प्रदेश में जारी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे को देखते हुए प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा के मद्देनज़र स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने का फैसला किया है। प्रदेश के कई जिलों में 2 जनवरी को भी आठवीं कक्षा तक के स्कूल बंद रहेंगे। मेरठ, बागपत और आगरा समेत कई जिलों के जिलाधिकारियों ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 28 दिसंबर 2025 को प्रदेश भर में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों को 1 जनवरी 2026 तक बंद रखने के निर्देश दिए थे। इसके बाद ठंड की तीव्रता को देखते हुए जिला प्रशासन को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने का अधिकार दिया गया था। इसी क्रम में कई जिलों ने छुट्टियों को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है।
मेरठ और बागपत जिले में 2 जनवरी को भी कक्षा 8 तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे। जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह निर्देश बेसिक शिक्षा परिषद, राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, वित्तविहीन स्कूलों के साथ-साथ सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य सभी बोर्डों पर लागू रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
वहीं आगरा जिले में स्थिति को देखते हुए और सख्त कदम उठाया गया है। यहां कलेक्टर ने कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। बागपत में भी 2 जनवरी को सभी स्कूलों में अवकाश रहेगा। उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में इन दिनों शीतलहर का प्रकोप जारी है, जिससे सुबह और रात के समय ठंड बेहद बढ़ गई है।
बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से पहले ही आठवीं कक्षा तक के छात्रों की छुट्टियां 14 जनवरी तक बढ़ाने की घोषणा की जा चुकी है। यह आदेश प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों पर लागू होगा। हालांकि, कुछ जिलों में उच्च कक्षाओं के लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा सकती हैं, इसका फैसला स्थानीय प्रशासन और स्कूल प्रबंधन पर छोड़ा गया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 जनवरी तक घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। जनवरी के पहले सप्ताह में पूरे उत्तर भारत में शीतलहर जारी रह सकती है। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 4 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। कानपुर में हाल ही में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
हालांकि, मौसम विभाग ने यह भी अनुमान जताया है कि 2 से 4 जनवरी के बीच बादलों की आवाजाही के कारण न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे रात की ठंड से कुछ राहत मिलेगी। इसके बावजूद प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता और बच्चों की सेहत को प्राथमिकता दी जा रही है।
अभिभावकों ने भी प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि मौजूदा मौसम में छोटे बच्चों का स्कूल जाना जोखिम भरा हो सकता है।