गोंडा/नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के कैसरगंज से पूर्व सांसद और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण सिंह ने एक बार फिर राजनीति में वापसी का संकेत देते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर वह जीवित रहे, तो जीवन में एक बार फिर लोकसभा जरूर पहुंचेंगे। चाहे इसके लिए उन्हें बीजेपी का टिकट मिले या निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ना पड़े।
एक न्यूज चैनल के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने दावा किया कि उन्हें जनता ने नहीं, बल्कि एक साजिश के तहत लोकसभा से बाहर किया गया। उन्होंने कहा कि उनका कार्यकाल समय से पहले समाप्त कर दिया गया और उन्हें अपमानित कर राजनीति से किनारे करने की कोशिश की गई। बृजभूषण ने इसे अपने राजनीतिक जीवन का सबसे कठिन दौर बताया।
पूर्व सांसद ने कहा, “अगर मैं जिंदा रहा, तो लोकसभा में एक बार फिर जरूर जाऊंगा। मेरी पहली कोशिश यही होगी कि बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ूं। लेकिन अगर पार्टी टिकट नहीं देती है, तो मैं निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भी चुनाव लड़ने से पीछे नहीं हटूंगा।” उन्होंने दोहराया कि राजनीति उनके जीवन का अहम हिस्सा रही है और वह जनता के बीच लौटना चाहते हैं।
यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े विवादित दौर को याद करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उस समय कई विपक्षी नेताओं ने उनके खिलाफ बयान नहीं दिया। उन्होंने विशेष रूप से समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश यादव ने उनके खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की, जिसे वह कभी नहीं भूलेंगे। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि बहुजन समाज पार्टी (BSP), जनता दल यूनाइटेड (JDU) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेताओं ने भी उस समय चुप्पी साधे रखी।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए बृजभूषण ने कहा कि जब सेना और सनातन धर्म पर सवाल उठाए जाते हैं, तो उन्हें गहरा दुख होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के सलाहकारों की सोच वामपंथी है, जिसके कारण ऐसे मुद्दे सामने आते हैं जिन्हें देश विरोधी ताकतें पसंद करती हैं। बृजभूषण ने कहा कि देश की आस्था और संस्थाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
बृजभूषण शरण सिंह देवीपाटन मंडल के तीन संसदीय क्षेत्रों का छह बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और क्षेत्र में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ मानी जाती रही है। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद बीजेपी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। पार्टी ने उनकी जगह उनके बेटे करण भूषण सिंह को कैसरगंज से उम्मीदवार बनाया, जो चुनाव जीतकर वर्तमान में सांसद हैं।
अपने बयान के जरिए बृजभूषण शरण सिंह ने साफ कर दिया है कि भले ही वह सक्रिय राजनीति से फिलहाल दूर हों, लेकिन लोकसभा में वापसी का उनका इरादा अब भी मजबूत है। आने वाले समय में उनका यह बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है।