New year 2026 : दुनियाभर में नए साल 2026 का आगाज़ हो चुका है और हर कोना उत्साह, उम्मीद और उल्लास से सराबोर नजर आ रहा है। अलग-अलग टाइम जोन के कारण दुनिया के कई देशों में भारत से पहले ही नए साल का स्वागत कर लिया गया, जबकि भारत में लोग रात 12 बजे का बेसब्री से इंतजार करते दिखे। नए साल का जश्न हर देश में अपनी संस्कृति और परंपराओं के अनुसार मनाया जा रहा है।
दुनिया में सबसे पहले नए साल 2026 की शुरुआत किरिबाती के किरीटीमाटी द्वीप से हुई। यह द्वीप अंतरराष्ट्रीय डेट लाइन के बेहद करीब स्थित है, जिसके कारण यहां भारत से लगभग साढ़े आठ घंटे पहले नया साल आ जाता है। किरिबाती में स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने पारंपरिक नृत्य, संगीत और सामूहिक कार्यक्रमों के साथ 2026 का स्वागत किया।
इसके बाद न्यूजीलैंड में नए साल का जश्न शुरू हुआ। राजधानी ऑकलैंड में आसमान रंग-बिरंगी आतिशबाजी से जगमगा उठा। बारिश के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में लोग सड़कों, पार्कों और वाटरफ्रंट एरिया में इकट्ठा होकर सेलिब्रेशन करते नजर आए।
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में नए साल का जश्न विश्वभर में खास आकर्षण का केंद्र रहा। सिडनी हार्बर ब्रिज और ओपेरा हाउस के आसपास भव्य आतिशबाजी ने पूरे आसमान को रोशनी से भर दिया। लाखों लोगों ने लाइव इवेंट्स और म्यूजिक शो के साथ 2026 का स्वागत किया।
जापान में नए साल की शुरुआत एक अलग ही आध्यात्मिक अंदाज में हुई। यहां 31 दिसंबर की रात को ‘ओमिसोका’ कहा जाता है। इस दौरान बौद्ध मंदिरों में 108 बार घंटियां बजाई जाती हैं, जो मनुष्य की 108 कमजोरियों के त्याग का प्रतीक मानी जाती हैं। घंटियों की गूंज के बीच लोगों ने शांति और सकारात्मकता के साथ नए साल का स्वागत किया।
दक्षिण और उत्तर कोरिया में भी नए साल की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुई। यहां लोग परिवार और समुदाय के साथ समय बिताते हुए आने वाले वर्ष में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।
भारत में भी नए साल को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक लोग पार्टियों, धार्मिक आयोजनों और पारिवारिक समारोहों के जरिए 2026 का स्वागत करने को तैयार दिखे। युवाओं में खासा जोश नजर आया, वहीं कई लोगों ने नए साल की शुरुआत मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर जाकर की।