टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारतीय टीम के चयनकर्ताओं के लिए रिंकू सिंह ने एक बार फिर अपने बल्ले से मजबूत दावा पेश किया है। विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में उत्तर प्रदेश की कप्तानी कर रहे रिंकू सिंह ने चंडीगढ़ के खिलाफ ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने उनके फिनिशर होने के साथ-साथ बड़े स्कोर बनाने की क्षमता को भी उजागर कर दिया। राजकोट में खेले गए ग्रुप-बी के इस मुकाबले में उत्तर प्रदेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में 4 विकेट पर 367 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस पारी की सबसे बड़ी खासियत कप्तान रिंकू सिंह की नाबाद शतकीय पारी रही। उन्होंने महज 60 गेंदों में 106 रन बनाए और अंत तक क्रीज पर डटे रहे।
जब रिंकू सिंह बल्लेबाजी के लिए उतरे, उस समय उत्तर प्रदेश का स्कोर 31.2 ओवर में 170 रन था। यहां से उन्होंने जिम्मेदारी संभाली और एक छोर से तेजी से रन बनाने की रणनीति अपनाई। दूसरे छोर पर आर्यन जुयाल ने उनका शानदार साथ निभाया। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 134 रनों की अहम साझेदारी हुई, जिसने मैच को पूरी तरह उत्तर प्रदेश के पक्ष में मोड़ दिया। आर्यन जुयाल के 134 रन बनाकर आउट होने के बाद रिंकू सिंह ने अपने फिनिशर रोल को बखूबी निभाया। उन्होंने आखिरी ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए टीम को 350 के पार पहुंचाया। अपनी नाबाद पारी में रिंकू ने 11 चौके और 4 छक्के लगाए, जबकि उनका स्ट्राइक रेट 176.67 रहा।
यह प्रदर्शन इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि रिंकू सिंह को हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया में जगह नहीं मिली थी। इसके बावजूद उन्हें टी20 वर्ल्ड कप 2026 की संभावित स्क्वाड में शामिल किया गया है। घरेलू क्रिकेट में उनकी निरंतरता ही चयनकर्ताओं के भरोसे की सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। गेंदबाजी में भी उत्तर प्रदेश की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। 368 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए चंडीगढ़ की टीम 29.3 ओवर में मात्र 140 रन पर सिमट गई। लेग स्पिनर जीशान अंसारी ने 7 ओवर में 29 रन देकर 4 विकेट झटके और मैच को पूरी तरह एकतरफा बना दिया।